नागपुर SIR: एक मतदाता का EPIC नंबर और पिता का नाम दूसरे के रिकॉर्ड में दर्ज होने की शिकायत
ओल्ड बगड़गंज के मतदान केंद्र के मतदाता संजय शर्मा ने सूची की गलती सुधारने और जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई की मांग की है।
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नागपुर जिले में SIR के बाद जारी मतदाता सूची में एक गंभीर गड़बड़ी की शिकायत सामने आई है। शिकायत के मुताबिक एक मतदाता का EPIC नंबर और उनके पिता का नाम दूसरे मतदाता के रिकॉर्ड में दर्ज कर दिया गया है। नागपुर जिले में SIR के दौरान नाम गलत होने, पिता का नाम गलत होने जैसी कई गड़बड़ियां सामने आ रही हैं, लेकिन यह मामला उनसे अलग बताया जा रहा है।
मामला पूर्व नागपुर जिले के मतदान केंद्र प्रियदर्शिनी नागपुर पब्लिक स्कूल, ओल्ड बगड़गंज, रूम नंबर 5 का है। इस केंद्र के मतदाता संजय शर्मा, पिता राधेश्याम शर्मा, उम्र 57 साल, ने बताया कि उनका इपिक नंबर YGR 6300453 है। उनका भाग संख्या और भाग का नाम 276-ओल्ड बगड़गंज है और भाग मतदाता क्रमांक 257 है। संजय शर्मा के अनुसार उनके अपने रिकॉर्ड तक सब ठीक है।
दिक्कत उसी केंद्र के दूसरे मतदाता सुनील ईश्वर टेंभरे के रिकॉर्ड में है, जिनका मतदाता क्रमांक 164 है। शिकायत के मुताबिक टेंभरे के पिता का नाम 'राधेश्याम शर्मा' कर दिया गया है, जो असल में संजय शर्मा के पिता हैं। इतना ही नहीं, टेंभरे को संजय का इपिक नंबर YGR 6300453 ही दे दिया गया है।
संजय शर्मा ने कहा, 'मतलब मेरा इपिक नंबर बीएलओ की घोर लापरवाही के कारण टेंभरे को दिया गया और उनके पिता के नाम की जगह मेरे पिता का नाम लिखा गया है।'
शर्मा के मुताबिक गलतियों के बारे में जवाब जानने के लिए वे बीएलओ को लगातार फोन कर रहे हैं, लेकिन फोन स्विच ऑफ आ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जिला चुनाव अधिकारी कुमार आशीर्वाद ने बीएलओज को पूरी गंभीरता से जिम्मेदारी निभाने के निर्देश दिए थे, लेकिन यहां बीएलओ ने फोन ही बंद कर रखा है। परेशान मतदाता ने गुहार लगाई कि 'भले ही वोटर आईडी छीन लो लेकिन किसी का बाप तो मत छीनो।'
शिकायतकर्ता का कहना है कि जिला प्रशासन भले ही दावा कर रहा हो कि बीएलओज ने घर-घर जाकर अपना कर्तव्य निभाया, लेकिन यह दावा खोखला है। उनके मुताबिक अधिकतर मतदाताओं के घरों पर कोई बीएलओ पहुंचा ही नहीं। प्रक्रिया के दौरान उल्टी गंगा बही, यानी बीएलओ मतदाताओं के पास आने की बजाय जागरूक मतदाता ही बीएलओ को खोजते नजर आए। अब जो सूची जारी हुई है, उसकी हास्यास्पद और गंभीर गलतियां जागरूक मतदाताओं को मानसिक रूप से परेशान कर रही हैं।
शर्मा ने सवाल उठाया कि इस तरह की गंभीर गलतियों के सुधार के लिए लोग किससे संपर्क करें। उनका कहना है कि बीएलओ की गलतियों के लिए मतदाताओं को दोबारा सुधार प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है। समय बर्बाद हो रहा है और मानसिक परेशानी अलग से झेलनी पड़ रही है। उन्होंने ऐसे लापरवाह बीएलओ के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।