नागपुर: पार्षद शुभम मोटघरे के घर गोलीबारी में गिरफ्तार सात आरोपियों पर लगा मकोका
श्रावणनगर में कांग्रेस पार्षद के घर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार सात आरोपियों के खिलाफ मकोका की धाराएं जोड़ी हैं। एक आरोपी अब भी फरार है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
नागपुर में कांग्रेस पार्षद शुभम मोटघरे के घर पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किए गए सात आरोपियों पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम, यानी मकोका, के तहत कार्रवाई की है। पुलिस के मुताबिक जांच में एक संगठित गिरोह की कथित भूमिका सामने आई, जिसके बाद मकोका की धाराएं जोड़ी गईं। श्रावणनगर में हुई इस वारदात से राजनीतिक और आपराधिक हलकों में काफी हलचल मच गई थी।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति के बाद की गई। गिरफ्तार आरोपियों पर मकोका की धारा 3(1)(ii), 3(2) और 3(4) लगाई गई हैं। मकोका का मकसद संगठित अपराध की गतिविधियों पर रोक लगाना है। इस कानून के तहत कार्रवाई होने से मामला कानूनी तौर पर और गंभीर हो जाता है। फिर भी मकोका की धाराएं लगने का मतलब यह नहीं कि आरोपी दोषी साबित हो गए हैं। उनके दोष का फैसला अदालत में पेश होने वाले सबूतों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।
वारदात 26 अगस्त 2026 की देर रात करीब 12.42 बजे की है। भांडेवाड़ी थाना क्षेत्र के श्रावणनगर में शुभम मोटघरे उस वक्त अपने घर की ऊपरी मंजिल के हॉल में थे। तभी घर की गैलरी की तरफ गोली चलने की आवाज आई। गोली गैलरी में लगे कांच को भेदकर निकल गई। इलाके में दहशत फैल गई और पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी।
पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में मोपेड पर सवार दो युवक स्वामी नारायण मंदिर मार्ग की तरफ जाते दिखे। इस फुटेज और दूसरे तकनीकी सबूतों के आधार पर पुलिस ने हमलावरों का पता लगाने की कोशिश की। शुरुआती जांच में यह आशंका सामने आई कि इसके पीछे पार्षद को निशाना बनाने की साजिश हो सकती है, और आगे की जांच इसी दिशा में चली।
भांडेवाड़ी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। इसके बाद 4 सितंबर 2026 को जांच क्राइम ब्रांच यूनिट-5 को सौंपे जाने की जानकारी सामने आई। क्राइम ब्रांच ने तकनीकी विश्लेषण और उपलब्ध सबूतों के आधार पर आरोपियों की भूमिका खंगाली और फिर सात आरोपियों को गिरफ्तार किया।
जांच में श्रावणनगर के रहने वाले फरार आरोपी विशाल उर्फ फल्ली गुप्ता पर आरोप सामने आया है कि उसने कथित तौर पर अंकुश और ऋषभ को पार्षद के घर फायरिंग करने की सुपारी दी थी। पुलिस के अनुसार, इस कथित साजिश में अशोक उर्फ बाबा यादव, सहेली पंधरम उर्फ सोनू और अनिकेत उर्फ अन्नू बिहारे के नाम भी आए हैं। फिलहाल विशाल उर्फ फल्ली गुप्ता को फरार बताया गया है।
गिरफ्तार सात आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं: अंकुश झनक तोमस्कर (30 वर्ष), ऋषभ उर्फ ऋषि विशाल नागदेवे (24 वर्ष), अमित मधुकर ठाकरे (22 वर्ष), कार्तिक बबलू तोमस्कर (26 वर्ष), ऋषभ भगवती पेथेल (30 वर्ष), केतन दुर्गाप्रसाद माटे (24 वर्ष) और रोमित उर्फ फुल्ल्या मुनेश्वर वाहाने (21 वर्ष)। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, ये सभी सातों आरोपी नागपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों से करीब 60 हजार रुपये की देसी पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद किए थे। पुलिस अब हथियार के इस्तेमाल, आरोपियों के बीच संपर्क और वारदात में उनकी कथित भूमिका की पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसी यह भी देख रही है कि आरोपियों के बीच कैसे संपर्क हुआ, किसकी क्या भूमिका थी और साजिश किन हालात में रची गई।
पुलिस कमिश्नर विश्वास नांगरे-पाटिल के नेतृत्व में शहर में अपराधियों के खिलाफ सख्ती के जो कदम उठाए जा रहे हैं, उनके बीच इस कार्रवाई को अहम माना जा रहा है। अब पुलिस के सामने फरार आरोपी के खिलाफ आगे की कार्रवाई करने और कथित साजिश के सभी पहलुओं की जांच करने की चुनौती है। हर आरोपी की भूमिका और आरोपों की पुष्टि होना अभी बाकी है।