नागपुर में मनपा और नासुप्र ने चलाया बुलडोजर, 70 से 80 अवैध निर्माण हटाए गए
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शुक्रवार को गोधनी रोड, झिंगाबाई टाकली और टॉवर रोड इलाके में मनपा और नागपुर सुधार प्रन्यास की संयुक्त कार्रवाई हुई। पुलिस के कड़े बंदोबस्त में दिनभर अतिक्रमण हटाया गया।
नागपुर शहर में सार्वजनिक जगहों और फुटपाथों पर बढ़ते अतिक्रमण का मुद्दा फिर चर्चा में है। सड़कों के किनारे बने अवैध निर्माण, पक्के शेड और हाथठेलों की वजह से पैदल चलने वालों और वाहन चालकों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
इसी पृष्ठभूमि में शुक्रवार को नागपुर महानगरपालिका (मनपा) और नागपुर सुधार प्रन्यास (नासुप्र) ने मिलकर अतिक्रमण विरोधी मुहिम चलाई। गोधनी रोड, झिंगाबाई टाकली और टॉवर रोड इलाके में हुई इस कार्रवाई में करीब 70 से 80 अवैध निर्माण हटाए गए। मुहिम दिनभर चली और पूरे समय पुलिस का कड़ा बंदोबस्त रहा।
मनपा प्रशासन ने इस बार खास तैयारी की थी। मनपा के प्रवर्तन विभाग की दस टीमें सुबह से ही भारी पुलिस बल के साथ इन इलाकों में पहुंच गईं। पिछली कार्रवाई के दौरान कुछ जगहों पर हुए विरोध को देखते हुए इस बार सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए थे।
पुलिस की मौजूदगी में जेसीबी की मदद से फुटपाथ पर बने पक्के शेड, अवैध निर्माण और सड़कों के किनारे खड़ी की गई रुकावटें हटाई गईं। तीनों इलाकों में कार्रवाई दिनभर जारी रही। इसमें करीब 70 से 80 निर्माण गिराए गए और लगभग एक ट्रक भर अवैध सामान जब्त किया गया। प्रशासन के मुताबिक यह कार्रवाई सार्वजनिक जगहें खाली कराने के मकसद से की गई।
मनपा आयुक्त ने कार्रवाई से एक दिन पहले समीक्षा बैठक ली थी। उसमें उन्होंने अतिक्रमण हटाने की मुहिम को रफ्तार देने के साफ निर्देश दिए थे। नासुप्र, मनपा मुख्यालय के अतिक्रमण निर्मूलन दस्ते और सभी जोन कार्यालयों को आपसी तालमेल से काम करने का आदेश दिया गया था।
मुहिम का मुख्य मकसद सड़कों के दोनों तरफ बने पक्के अवैध निर्माण हटाना, फुटपाथ खाली कराना और खाली प्लॉटों के गैरकानूनी व्यावसायिक इस्तेमाल को रोकना था। शहर के यातायात में रुकावट बनने वाले अतिक्रमण हटाकर लोगों को सुरक्षित आने-जाने की जगह देने के लिए प्रशासन ने पूरी व्यवस्था लगाई। मनपा के सभी दस जोन की टीमों को इसमें शामिल किया गया था।
कार्रवाई के दौरान दोपहर के आसपास करीब 40 से 50 फेरीवालों ने विरोध करने की कोशिश की। लेकिन पुलिस के बंदोबस्त और प्रशासन की तैयारी की वजह से कार्रवाई पर कोई असर नहीं पड़ा। टीमें बिना पीछे हटे अतिक्रमण हटाने का काम करती रहीं।
यह मुहिम प्रवर्तन विभाग के सहायक आयुक्त संजय कांबले के मार्गदर्शन में चलाई गई। मनपा के सभी दस जोन के करीब 50 से 60 अधिकारी और कर्मचारी कार्रवाई में शामिल थे। मनपा और नासुप्र की संयुक्त कोशिश से बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाया गया। कार्रवाई के बाद उन्हीं जगहों पर दोबारा अतिक्रमण न हो, इसके लिए प्रशासन को लगातार निगरानी रखना भी जरूरी होगा।
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