नागपुर में बंद मकान की सेंधमारी का खुलासा, क्राइम ब्रांच ने दो आरोपियों को पकड़ा
बेलतरोड़ी थाना क्षेत्र के नरेंद्र नगर में हुई चोरी के मामले में क्राइम ब्रांच यूनिट-4 ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने करीब 3 लाख रुपये का माल बरामद किया।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
नागपुर क्राइम ब्रांच यूनिट-4 ने बेलतरोड़ी थाना क्षेत्र में एक बंद मकान में हुई सेंधमारी का खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वारदात नरेंद्र नगर की साईं कृपा सोसाइटी में हुई थी। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने कथित तौर पर सोने-चांदी के गहनों समेत करीब 4.48 लाख रुपये का माल चुराया था। उनके पास से लगभग 3 लाख रुपये का चोरी का माल बरामद हुआ है। आगे की कार्रवाई के लिए दोनों को बेलतरोड़ी पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
पुलिस ने बताया कि साईं कृपा सोसाइटी में धवल कडू अपनी मां के साथ रहते हैं और पेशे से प्रोफेसर हैं। 3 अक्टूबर को वह मां के साथ पुणे गए थे, जहां उनके भाई रहते हैं। घर में कोई नहीं था। इसी बीच अज्ञात आरोपियों ने बंद मकान में सेंधमारी करके चोरी को अंजाम दिया।
शिकायत मिलने पर बेलतरोड़ी पुलिस ने जांच शुरू की। जांच में सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई और आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी मदद ली गई। इन्हीं के सहारे पुलिस उनकी पहचान तक पहुंच सकी।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अजनी का रहने वाला पवन कुमार उर्फ आलू भोसले और अंबाझरी की सुदामा नगरी का रहने वाला संदेश उर्फ संघपाल उर्फ संध्या राजू पंडागले शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी चोरी का माल बेचने की फिराक में केडीके कॉलेज के पास पहुंचे थे। तभी क्राइम ब्रांच यूनिट-4 की टीम ने उन्हें पकड़ लिया। तलाशी और आगे की कार्रवाई के दौरान उनके पास से करीब 3 लाख रुपये का चोरी का माल बरामद किया गया।
पुलिस के अनुसार पवन कुमार भोसले के खिलाफ हत्या के तीन मामले दर्ज हैं। संदेश पंडागले के खिलाफ चोरी के 30 मामले और सामूहिक दुष्कर्म का एक मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस का कहना है कि दोनों की जान-पहचान जेल में हुई थी। बताया जा रहा है कि घरेलू खर्च को लेकर पत्नी से झगड़े के बाद पवन अपने पुराने साथी संदेश से मिला। इसके बाद दोनों ने शराब पी और कथित तौर पर चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
क्राइम ब्रांच यूनिट-4 ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद आगे की कार्रवाई के लिए बेलतरोड़ी पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस अब चोरी की इस वारदात से जुड़े दूसरे पहलुओं की जांच कर रही है। बरामद माल और आरोपियों की भूमिका को लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।