नागपुर में अक्टूबर के 18 दिनों में डेंगू के 72 मामले, सितंबर से ज्यादा
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक नागपुर में अक्टूबर के पहले 18 दिनों में डेंगू के 72 मामले दर्ज हुए, जबकि पूरे सितंबर में 46 थे।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
नागपुर में मौसमी बीमारियों की तस्वीर बदल रही है और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक अक्टूबर के पहले 18 दिनों में शहर में डेंगू के 72 मामले दर्ज हुए हैं। इसके मुकाबले पूरे सितंबर महीने में डेंगू के 46 मामले सामने आए थे।
यानी सितंबर के मुकाबले अक्टूबर के शुरुआती 18 दिनों में ही 26 मरीज ज्यादा मिले हैं। यह करीब 56.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी है, और मरीजों की संख्या सितंबर के पूरे महीने से लगभग 1.57 गुना रही। जनवरी से अक्टूबर तक नागपुर में डेंगू के कुल 180 मामले दर्ज हुए हैं, जिनमें अक्टूबर के ये 72 मामले भी शामिल हैं।
यह इजाफा ऐसे वक्त में सामने आया है, जब शहर में संभावित जलसंकट को लेकर फिक्र जताई जा रही है। पानी की कमी की आशंका में लोग घरों में बाल्टी, ड्रम, टंकी और दूसरे बर्तनों में पानी भरकर रख सकते हैं। ऐसे बर्तन खुले छोड़ दिए जाएं या उनकी नियमित सफाई न हो, तो उनमें मच्छर पनपने का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि डेंगू के मामले बढ़ने की अकेली वजह जलसंकट या पानी का भंडारण नहीं माना जा सकता। मौसम, मच्छरों की मौजूदगी और स्थानीय हालात समेत कई वजहें हो सकती हैं।
आमतौर पर बारिश में जमा पानी को मच्छरों के पनपने की बड़ी वजह माना जाता है। लेकिन बारिश कम होने का मतलब यह नहीं कि डेंगू का खतरा खत्म हो गया। घरों, इमारतों, निर्माण स्थलों, छतों और परिसर में जमा पानी मच्छरों के लिए माकूल जगह बन सकता है। डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर साफ पानी में भी पनप सकता है, इसलिए सिर्फ गंदी नालियों और कचरे पर ध्यान देना काफी नहीं है। पानी की टंकियां, ड्रम, बाल्टियां, गमलों के नीचे रखी तश्तरियां, पुराने टायर और फेंके गए डिब्बे भी इसकी वजह बन सकते हैं।
स्वाइन फ्लू के आंकड़े इसके उलट तस्वीर दिखाते हैं। सितंबर में स्वाइन फ्लू के 128 मामले आए थे, जबकि अक्टूबर के पहले 18 दिनों में यह संख्या घटकर 22 रह गई। जनवरी से अक्टूबर तक शहर में स्वाइन फ्लू के कुल 229 मामले दर्ज हुए हैं। फिर भी सिर्फ 18 दिनों के आंकड़ों से पूरे अक्टूबर का अंदाजा लगाना ठीक नहीं होगा।
कोविड-19 के मोर्चे पर सितंबर और अक्टूबर के पहले 18 दिनों में नागपुर में कोई नया मरीज दर्ज नहीं हुआ। जनवरी से अक्टूबर तक शहर में कोविड-19 के कुल 17 मामले दर्ज हुए हैं। इस तरह फिलहाल सबसे ज्यादा फिक्र डेंगू को लेकर है।
आंकड़ों के मुताबिक तीनों बीमारियों की हालत यह रही। डेंगू में जनवरी से अक्टूबर तक कुल 180, सितंबर में 46 और 1 से 18 अक्टूबर तक 72 मामले दर्ज हुए। स्वाइन फ्लू में ये आंकड़े 229, 128 और 22 रहे। कोविड-19 में 17, शून्य और शून्य रहे। अक्टूबर के आंकड़े सिर्फ 1 से 18 अक्टूबर की अवधि के हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि डेंगू का बढ़ना सिर्फ किसी एक व्यक्ति की लापरवाही का मामला नहीं है। इसे काबू में रखने के लिए नियमित निगरानी, मच्छर नियंत्रण, सार्वजनिक जगहों की सफाई और लोगों में जागरूकता जैसी मिली-जुली कोशिशें जरूरी बताई गई हैं। शहर के अलग-अलग इलाकों में जमा पानी की पहचान और घरों व सार्वजनिक परिसरों की जांच को भी उपयोगी कदम कहा गया है।
पानी बचाने की जरूरत के बीच उसके सुरक्षित भंडारण की अनदेखी न करने की बात भी कही गई है। खासकर उन इलाकों में सतर्कता की जरूरत बताई गई है, जहां पानी की सप्लाई अनियमित होने से लोगों को ज्यादा पानी जमा करना पड़ता है।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।