नागपुर की विधि व न्याय शाखा में क्लर्क-टाइपिस्ट के सभी छह पद खाली, कामकाज कैसे चल रहा है?
सूचना के अधिकार में मिले जवाब के मुताबिक नागपुर की विधि व न्याय शाखा में क्लर्क-टाइपिस्ट के सभी छह मंजूर पद 2026 में खाली हैं।
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राज्य के विधि व न्याय विभाग की नागपुर स्थित मंत्रालय की शाखा में क्लर्क-टाइपिस्ट संवर्ग के सभी छह मंजूर पद खाली हैं। यह चौंकाने वाली जानकारी सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी से सामने आई है। मिले रिकॉर्ड में दर्ज है कि 2026 में इस संवर्ग का एक भी कर्मचारी काम पर नहीं है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि इस शाखा का प्रशासनिक कामकाज आखिर चल कैसे रहा है।
सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत मिले जवाब को देखें तो नागपुर की विधि व न्याय शाखा में क्लर्क-टाइपिस्ट के खाली पदों की संख्या हर साल बढ़ती गई है। 2023 में दो पद खाली थे। 2024 में तीन पद खाली रहे। 2025 में यह संख्या पांच हो गई और 2026 में सभी छह मंजूर पद खाली हैं।
इन आंकड़ों से साफ है कि इस संवर्ग में स्टाफ की समस्या गंभीर हो चुकी है। खास बात यह है कि सारे पद खाली होने के बावजूद शाखा का रोजमर्रा का प्रशासनिक काम किस तरह संभाला जा रहा है, इस पर आधिकारिक स्पष्टीकरण की जरूरत है।
विभाग ने सूचना के अधिकार में दिए जवाब में बताया है कि खाली पद भरने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग से पत्राचार और पैरवी की गई है। जवाब में यह भी कहा गया है कि नागपुर शाखा में काम करने के इच्छुक कर्मचारियों के आवेदन आगे की कार्यवाही के लिए भेजे गए हैं। इसके बावजूद 2026 में सभी छह पद खाली दर्ज हैं। इसलिए सवाल उठ रहे हैं कि पद भरने की प्रक्रिया में दिक्कत कहां है और क्या इन पदों को भरने के लिए कोई समयसीमा तय की गई है।
सरकारी दफ्तर में क्लर्क-टाइपिस्ट पत्राचार, कागजात की हैंडलिंग, रिकॉर्ड रखने और दूसरे प्रशासनिक कामों के लिए अहम स्टाफ माने जाते हैं। जब इस संवर्ग का एक भी कर्मचारी मौजूद न हो, तो कामकाज का इंतज़ाम कैसे किया जाता है, यह जानकारी मिलना जरूरी है।
नागरिकों के आवेदन, सरकारी मामलों का पत्राचार और दफ्तर के रिकॉर्ड के काम पर इसका असर पड़ता है या नहीं, यह भी जांचना अहम होगा। हालांकि कामकाज में असल में देरी हो रही है या नागरिकों को परेशानी हो रही है, इसके अलग से सबूत मिले बिना इस बारे में कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
सूचना के अधिकार से सामने आई इस जानकारी के बाद संबंधित विभाग को खाली पद भरने के लिए की गई कार्यवाही का ब्योरा साफ करना चाहिए। छह के छह पद खाली रहने की वजह, भर्ती की मौजूदा स्थिति और वैकल्पिक स्टाफ की व्यवस्था पर विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया अहम होगी। अब नजर इस पर है कि नागपुर की विधि व न्याय शाखा के स्टाफ की समस्या सुलझाने के लिए सरकार क्या कदम उठाती है और ये खाली पद कब भरे जाते हैं।