नागपुर के PWD दफ्तर में अपॉइंटमेंट पर अड़े IAS अफसर को युवक ने सुनाई खरी-खरी
नागपुर के PWD दफ्तर में अपॉइंटमेंट को लेकर एक IAS अधिकारी और जन बदलाव पार्टी के संस्थापक यश गोरखेड़े के बीच बहस हुई। वीडियो वायरल है और लोग दो राय में बंटे हैं।
नागपुर के लोक निर्माण विभाग यानी PWD के एक दफ्तर का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब घूम रहा है। इसमें एक आम नागरिक और एक IAS अधिकारी के बीच तीखी बहस साफ दिखाई देती है। वीडियो ने इंटरनेट पर काफी हलचल मचा दी है और प्रशासन के कामकाज के तरीके पर नए सिरे से सवाल उठने लगे हैं।
बताया गया है कि घटना नागपुर के PWD कार्यालय की है, जहां उस वक्त एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक चल रही थी। एक स्थानीय नागरिक अपनी जन समस्या लेकर अधिकारी के पास पहुंचा। उसने बात रखनी शुरू ही की थी कि अधिकारी ने कड़े लहजे में पूछ लिया कि क्या उसके पास मिलने का कोई पहले से तय अपॉइंटमेंट है। अधिकारी ने साफ कहा कि बिना अपॉइंटमेंट के मुलाकात नहीं हो सकती और युवक को बाद में आने के लिए कहा।
अधिकारी के इस रवैये से युवक भड़क गया। उसने अधिकारी को उनके पद और संवैधानिक जिम्मेदारी की याद दिलाई। युवक ने तल्खी से कहा कि आप किसी प्राइवेट कंपनी के मैनेजर या कर्मचारी नहीं हैं, आप इस देश और इस राज्य की जनता के नौकर हैं। उसके मुताबिक जनता की सेवा करना आपका बुनियादी फर्ज है, कोई एहसान नहीं।
युवक ने यह भी कहा कि अधिकारी की सैलरी और इस दफ्तर का खर्च आम जनता की खून-पसीने की कमाई यानी टैक्स के पैसों से चलता है। उसकी इन दो टूक बातों ने वहां मौजूद लोगों का ध्यान खींचा और किसी ने पूरी बहस अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर ली।
अधिकारी से बहस करने वाले इस युवक का नाम यश गोरखेड़े बताया जा रहा है। वह नागपुर शहर में जन बदलाव पार्टी के संस्थापक हैं और सामाजिक मुद्दों पर अक्सर खुलकर बोलते नजर आते हैं। इस घटना के बाद उनका वीडियो एक्स, इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे कई प्लेटफॉर्म पर लाखों बार देखा जा चुका है।
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स दो खेमों में बंट गए हैं। आम लोगों समेत कई यूजर्स यश गोरखेड़े के साथ खड़े हैं। उनका कहना है कि सरकारी दफ्तर जनता के लिए हैं और अधिकारियों को जनता के प्रति जवाबदेह होना चाहिए। उनके मुताबिक लाल फीताशाही और अपॉइंटमेंट के नाम पर लोगों को टालना ठीक नहीं है।
दूसरी तरफ कुछ लोगों की दलील है कि सरकारी कामकाज और बैठकों की अपनी मर्यादा और समय-सारणी होती है, और उसका अनुशासन निभाया जाना चाहिए। फिलहाल इस वीडियो ने नौकरशाही और जनता के बीच संवाद और रिश्तों पर एक बार फिर गंभीर बहस छेड़ दी है।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।