नागपुर के डेंटल रिसर्च सेंटर का काम तीन महीने में पूरा करने का फडणवीस का आदेश
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर के शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय परिसर में बन रहे अतिविशेषोपचार दंतचिकित्सा व संशोधन केंद्र का जायजा लेकर बचा हुआ काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
नागपुर के शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय परिसर में जो प्रोजेक्ट अभी अटके पड़े थे, उनका रिव्यू करने के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वहां बन रहे अतिविशेषोपचार दंतचिकित्सा व संशोधन केंद्र का बचा हुआ काम फौरन पूरा करने को कहा है। उन्होंने साफ निर्देश दिया है कि अगले तीन महीने के अंदर इस सेंटर का लोकार्पण हो जाना चाहिए।
यह सेंटर अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी और कई अतिविशेष डेंटल सुविधाओं से लैस होगा। इससे विदर्भ के साथ-साथ मध्य भारत के डेंटल मरीजों को भी काफी फायदा मिलेगा, और डेंटल एजुकेशन व रिसर्च को भी नई दिशा मिलेगी। सेंटर सही तरीके से चले, इसके लिए सरकार ने नए पदों को मंजूरी दी है और कुछ पदों पर भर्ती की प्रोसेस भी शुरू है। कुल ९१ पदों में से ६० पद अब तक भरे जा चुके हैं।
सेंटर में मॉडर्न मेडिकल सुविधाएं देने के लिए डीपीसी के तहत करीब ३ करोड़ ८९ लाख रुपये की मशीनरी खरीदने को प्रशासकीय मंजूरी मिल गई है। इसके अलावा राज्य योजना के तहत करीब ३ करोड़ ४३ लाख रुपये का फंड भी मंजूर हो चुका है, और मशीनरी खरीदने का काम चल रहा है।
बात करें मौजूदा स्थिति की, तो राज्य में अभी ४ शासकीय डेंटल कॉलेज हैं, मुंबई महानगरपालिका का नायर डेंटल कॉलेज एक है, और इनके अलावा ३० से ज्यादा प्राइवेट डेंटल कॉलेज हैं। देश में राज्य सरकार द्वारा चलाए जाने वाले डेंटल कॉलेजों के मामले में महाराष्ट्र सबसे आगे है। नागपुर का यह अतिविशेषोपचार दंतचिकित्सा व संशोधन केंद्र जब अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी के साथ शुरू हो जाएगा, तो डेंटल रिसर्च और मरीजों की सेवा के मामले में महाराष्ट्र की यह बढ़त और मजबूत होगी।
शासकीय दंत महाविद्यालय, नागपुर में पहले से ही ६३ पदवी पूर्व बीडीएस की सीटें और २४ पदवी उत्तर एमडीएस की सीटें हैं, साथ ही स्कॉलरशिप और पोस्ट ग्रेजुएट पीएचडी कोर्स भी चल रहे हैं। इस कॉलेज को नैक ए प्लस ग्रेड भी मिल चुका है। नए सेंटर के जरिए अब डेंटल के मॉडर्न और स्पेशल इलाज की सुविधाएं एक ही जगह पर मिलेंगी। इसमें डिजिटल डेंटिस्ट्री, कॉस्मेटिक डेंटिस्ट्री, ओरल इम्प्लांटोलॉजी, स्पोर्ट्स डेंटिस्ट्री, क्रेनियोफेशियल सर्जरी और फॉरेंसिक ओडोंटोलॉजी जैसे छह नए डिपार्टमेंट शामिल होंगे।
इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए करीब २२,००२ वर्ग फुट जमीन ली गई है, और सेंटर का कुल निर्माण एरिया करीब ४,७७०.१२ वर्ग मीटर है। मॉडर्न सुविधाओं से लैस इस प्रोजेक्ट के लिए फंड मंजूर हो चुका है, और निर्माण की क्वालिटी और प्लानिंग के लिए टेक्निकल मंजूरी भी दी जा चुकी है। इस प्रोजेक्ट का भूमिपूजन ४ जनवरी २०१९ को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के हाथों हुआ था।
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