नागपुर में स्वाइन फ्लू के मरीज सितंबर में 6 गुना से ज्यादा बढ़े, त्योहारों की भीड़ से संक्रमण का खतरा
नागपुर जिले में जनवरी से सितंबर तक स्वाइन फ्लू के 273 मरीज मिले, जिनमें 147 अकेले सितंबर में सामने आए।
नागपुर जिले में इस बार बारिश का दौर असामान्य रहा है और तापमान में भी लगातार उतार-चढ़ाव होता रहा है। इन हालात के बीच जिले में संक्रामक बीमारियों का प्रकोप बढ़ता दिखाई दे रहा है। इनमें स्वाइन फ्लू के आंकड़े सबसे ज्यादा ध्यान खींच रहे हैं, क्योंकि वे इस बीमारी की गंभीरता को साफ तौर पर सामने रखते हैं।
जनवरी से सितंबर तक नागपुर जिले में स्वाइन फ्लू के कुल 273 मरीज मिले। इनमें से 147 मरीज, यानी 53.8% मामले, अकेले सितंबर महीने में सामने आए। सितंबर के इन 147 मरीजों में शहर के 128 और ग्रामीण क्षेत्र के 19 मरीज शामिल हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में 5 मरीजों की मौत भी दर्ज की गई है।
अगर सिर्फ शहर की बात करें तो जनवरी से सितंबर तक नागपुर शहर में स्वाइन फ्लू के 210 मरीज मिले। पूरे जिले के कुल मरीजों में से करीब 77% मामले शहर के हैं। जुलाई में शहर में 21 मरीज थे, जबकि सितंबर में यह संख्या बढ़कर 128 हो गई। यानी सितंबर में मरीजों की संख्या जुलाई के मुकाबले 6 गुना से ज्यादा रही। ग्रामीण क्षेत्र में इन 9 महीनों में कुल 63 मरीज मिले, जिनमें से 19 मामले सितंबर के हैं।
स्वाइन फ्लू के साथ-साथ जिले में डेंगू और मलेरिया के मामले भी बढ़ रहे हैं। जनवरी से सितंबर तक डेंगू के 82 और मलेरिया के 22 मरीज मिले हैं। शहर में मलेरिया के मरीज अगस्त में 5 थे, जो सितंबर में बढ़कर 12 हो गए। ग्रामीण क्षेत्र में भी मलेरिया के 5 मरीज दर्ज किए गए हैं।
बारिश के असामान्य दौर की वजह से अक्टूबर में भी हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। मौसम में बदलाव के साथ त्वचा रोगों के अलावा सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीज भी बढ़ रहे हैं। नवरात्रि, दशहरा और आने वाली दिवाली की वजह से बाजारों और सार्वजनिक जगहों पर भीड़ बढ़ रही है, और इससे संक्रमण का खतरा और बढ़ सकता है।