नागपुर ग्रामीण के ग्रीन फार्म में कथित अश्लील डांस, मालिक-मैनेजर समेत 26 से ज्यादा पर केस
पाचगांव पुलिस थाना क्षेत्र के चांपा इलाके में हुए कार्यक्रम में कथित अश्लील डांस का मामला सामने आया है। मालिक, मैनेजर और केयरटेकर समेत 26 से ज्यादा लोगों पर केस दर्ज हुआ है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
नागपुर ग्रामीण के पाचगांव पुलिस थाना क्षेत्र में आने वाले चांपा इलाके के ग्रीन फार्म में हुए एक कार्यक्रम में कथित अश्लील डांस का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में फार्म के मालिक, मैनेजर और केयरटेकर समेत 26 से ज्यादा लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। कार्रवाई के दौरान 64 हजार 100 रुपये का माल भी जब्त किया गया। जानकारी के मुताबिक आरोपियों में चार महिलाएं भी शामिल हैं।
पुलिस की दी हुई जानकारी के अनुसार, ग्रीन फार्म में 8 और 9 अक्टूबर को कार्यक्रम रखा गया था। पुलिस को गोपनीय सूचना मिली थी कि इस कार्यक्रम में महिलाएं और पुरुष संगीत की धुन पर कथित तौर पर अश्लील हावभाव करते हुए डांस कर रहे थे। इसके बाद पुलिस ने मौके पर हुई गतिविधियों की जांच की और दोनों दिनों की सीसीटीवी फुटेज देखी। पुलिस का दावा है कि फुटेज में कुछ महिलाएं और पुरुष आपत्तिजनक हावभाव के साथ डांस करते दिख रहे हैं।
इस मामले में ग्रीन फार्म के मालिक रामलु कोंड्या सुल्तान (70), मैनेजर आरिफ अनवर खान (40) और केयरटेकर आरिफ सुलेमान शेख (42) समेत दूसरे लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोपियों का संबंध गडचिरोली, बालाघाट, अकोला, भद्रावती, वर्धा, नागपुर, कामठी, गोंदिया और चंद्रपुर समेत अलग-अलग जगहों से बताया गया है।
कार्यक्रम के दौरान ठीक-ठीक क्या हुआ और संबंधित लोगों की क्या भूमिका थी, यह जानने के लिए पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की। उसके बाद मिले सबूतों और जांच के नतीजों के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस ने 64 हजार 100 रुपये का माल जब्त किया है, लेकिन जब्त चीजों का ब्योरा उपलब्ध नहीं है।
जानकारी के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ महाराष्ट्र में प्रतिष्ठानों में अश्लील डांस पर रोक लगाने वाले कानून के तहत केस दर्ज किया गया है। बताया गया है कि यह कार्रवाई नागपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार के आदेश पर की गई।
26 से ज्यादा लोगों पर केस दर्ज होने के बाद इलाके में इसकी चर्चा शुरू हो गई है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि कार्यक्रम का आयोजन कैसे किया गया, संबंधित लोगों की जिम्मेदारी क्या थी और इसमें किसी और की भागीदारी थी या नहीं।
इस बीच, आरोपियों पर लगे आरोप अभी साबित नहीं हुए हैं। आगे की जांच और अदालती प्रक्रिया के बाद ही मामले की असली तस्वीर साफ होगी।