नागपुर ग्रामीण के 18 कस्बों में लगेंगे CCTV कैमरे, 136.29 करोड़ का बजट मंजूर
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महाराष्ट्र सरकार ने नागपुर ग्रामीण पुलिस के इलाके के 18 कस्बों में CCTV निगरानी सिस्टम के लिए प्रशासकीय मंजूरी दे दी है।
नागपुर ग्रामीण पुलिस के इलाके में आने वाले 18 कस्बों में अब CCTV कैमरों का जाल बिछेगा। राज्य के गृह विभाग ने इस प्रोजेक्ट के लिए 136 करोड़ 29 लाख 92 हजार 433 रुपये यानी करीब 136.29 करोड़ का बजट पास कर दिया है। इसका सरकारी आदेश, यानी GR, 30 अक्टूबर को निकला।
शुरुआत में यह प्रोजेक्ट सिर्फ 15 कस्बों के लिए तैयार हुआ था, और तब इसका अनुमानित खर्च करीब 110.79 करोड़ रुपये रखा गया था। फिर 13 अक्टूबर 2026 को अपर मुख्य सचिव (गृह) की अगुवाई में हाई-लेवल एम्पावर्ड कमेटी की बैठक हुई। बैठक में चर्चा के बाद तय हुआ कि काटोल, सावनेर और वडोदा को भी इस योजना में शामिल किया जाए। तीन कस्बे बढ़ने से लागत भी अच्छी-खासी बढ़ गई।
इसी फैसले के हिसाब से नागपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक डॉ. हर्षा ए. पोद्दार ने 19 अक्टूबर को राज्य सरकार के पास नया एकीकृत प्रस्ताव भेजा। उसमें बदला हुआ दायरा और 136.29 करोड़ का अनुमानित खर्च दर्ज था। मंजूरी से पहले संबंधित विभागों ने प्रस्ताव को परखा, और वित्त विभाग ने भी इस पर हामी भर दी। इसके बाद गृह विभाग ने प्रशासकीय मंजूरी दी और 18 कस्बों में नेटवर्क खड़ा करने का रास्ता साफ हो गया।
जिन कस्बों में कैमरे लगेंगे, उनके नाम हैं: उमरेड, बुटीबोरी, कन्हान-पिपरी, रामटेक, नरखेड, कलमेश्वर, खापा, मोवाड, मौदा, भिवापुर, पारशिवनी, कुही, कांद्री, कोंढाली, मोहपा, काटोल, वडोदा और सावनेर।
पूरे प्रोजेक्ट की कमान नागपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक के हाथ में रहेगी, उन्हें नियंत्रक अधिकारी बनाया गया है। उनके दफ्तर से पैसा निकालने और बांटने का अधिकार जिन अफसरों के पास है, वही इस पर होने वाला खर्च संभालेंगे।
सरकार का कहना है कि इस सिस्टम का मकसद नई तकनीक के सहारे आम लोगों की सुरक्षा बढ़ाना, कानून-व्यवस्था को ज्यादा असरदार बनाना और अपराध पर लगाम कसना है। कैमरे चालू होने के बाद कस्बों की खास सार्वजनिक जगहों, सड़कों और दूसरे अहम ठिकानों पर लगातार नजर रखी जा सकेगी। सार्वजनिक जगहों पर होने वाले अपराध काबू में रहेंगे और संदिग्ध हरकतों का पता जल्दी लगेगा। इमरजेंसी में पुलिस का रिस्पॉन्स भी पहले से बेहतर होने की उम्मीद है।
कहीं कोई वारदात हो जाए तो CCTV फुटेज की मदद से आरोपियों को ढूंढना आसान होगा और जांच तेजी से आगे बढ़ेगी। शहर के बाहर के प्रमुख कस्बों तक कैमरे पहुंचाकर प्रशासन निगरानी का ढांचा सुधारना चाहता है और अपराध के खिलाफ मजबूत रोक तैयार करना चाहता है। ग्रामीण नागपुर में तकनीक पर टिकी पुलिसिंग के लिहाज से इसे बड़ा निवेश माना जा रहा है।
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