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03:57 IST

मुंब्रा: सहर शेख के पिता युनूस शेख केबल सेना के अध्यक्ष बने, शिवसेना में प्रवेश से इनकार

मुंब्रा: सहर शेख के पिता युनूस शेख केबल सेना के अध्यक्ष बने, शिवसेना में प्रवेश से इनकार तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

मुंब्रा की राजनीति में एक नई चर्चा शुरू हो गई है। एमआईएम की पार्षद सहर शेख के पिता युनूस शेख को अखिल भारतीय केबल सेना के कलवा-मुंब्रा विधानसभा अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया है। यह जानकारी सामने आने के बाद चर्चा चली कि उन्होंने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में प्रवेश कर लिया है। युनूस शेख ने इस दावे को खारिज किया है।

चर्चा की शुरुआत एक फोटो से हुई। युनूस शेख का शिवसेना के कार्यालय में सत्कार होता हुआ एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। फोटो में शिवसेना के पदाधिकारी उनका सत्कार करते दिख रहे हैं। इसके बाद ही यह बात उठने लगी कि उन्होंने शिंदे की शिवसेना में प्रवेश किया है।

नियुक्ति पत्र के मुताबिक युनूस शेख को अखिल भारतीय केबल सेना के कलवा-मुंब्रा विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्ष पद पर एक साल के लिए नियुक्त किया गया है। पत्र में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व का जिक्र है और शिवसेना संगठन को मजबूत करने से जुड़ी सूचनाएं भी दी गई हैं।

पार्टी में प्रवेश की खबरों के बाद युनूस शेख ने वीडियो के जरिए अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि मैंने शिवसेना में प्रवेश नहीं किया है। उनके मुताबिक उनके परिवार का केबल का कारोबार करीब 40 साल से चल रहा है और वे इंटरनेट सेवा से भी जुड़े हैं। उन्होंने बताया कि अखिल भारतीय केबल सेना की नियुक्ति कारोबार से जुड़ी संगठनात्मक जिम्मेदारी है। इसका मतलब यह नहीं कि उन्होंने शिवसेना पार्टी में प्रवेश किया है। उन्होंने यह भी कहा कि वे कलवा-मुंब्रा इलाके के केबल ऑपरेटरों और इंटरनेट सेवा देने वालों को एक साथ लाने के लिए काम करेंगे।

सहर शेख ठाणे महानगरपालिका के चुनाव में वार्ड नंबर 30 से एमआईएम के टिकट पर जीती थीं। चुनाव के बाद हुई सभा में उन्होंने "कैसे हराया" कहते हुए विरोधियों पर निशाना साधा था। उसी भाषण में उन्होंने अगले पांच साल में पूरे मुंब्रा को हरा करने की बात कही थी, जिस पर राजनीतिक विवाद हुआ था। सहर शेख ने तब स्पष्टीकरण दिया था कि इस बयान का संदर्भ एमआईएम पार्टी के हरे रंग और पार्टी के विस्तार से है।

युनूस शेख पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता जितेंद्र आव्हाड के करीबी माने जाते थे। ठाणे महापालिका चुनाव में उन्होंने बेटी सहर शेख के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस से उम्मीदवारी मांगी थी। उम्मीदवारी नहीं मिली तो सहर शेख ने एमआईएम के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। जीत के बाद युनूस शेख और सहर शेख ने जितेंद्र आव्हाड की जोरदार आलोचना की थी। उम्मीदवारी नहीं दिए जाने के मुद्दे पर दोनों पक्षों के राजनीतिक मतभेद खुलकर सामने आ गए थे।

मुंब्रा-कलवा इलाके में जितेंद्र आव्हाड का राजनीतिक प्रभाव रहा है। उसी इलाके में एमआईएम की सहर शेख की जीत से स्थानीय राजनीति में नई चर्चा शुरू हुई थी। अब शिवसेना से जुड़ी केबल संगठन के अध्यक्ष पद पर युनूस शेख की नियुक्ति से इस घटनाक्रम को राजनीतिक महत्व मिल गया है। हालांकि उन्होंने खुद पार्टी में प्रवेश के दावे को नकारा है, इसलिए नियुक्ति और आधिकारिक पार्टी प्रवेश के बीच का फर्क अहम है। राजनीतिक हलकों की नजर इस पर है कि मुंब्रा की स्थानीय राजनीति में आगे क्या होता है।

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