मुंबई-ठाणे में उमस और गर्मी बरकरार, दक्षिण भारत में बारिश के आसार बढ़े
मुंबई, ठाणे, पालघर, नासिक और उत्तर महाराष्ट्र में उमस बनी रहने का अनुमान है, जबकि दक्षिण भारत में बारिश की हलचल बढ़ने के संकेत हैं।
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महाराष्ट्र में अक्टूबर का महीना आखिरी हिस्से में पहुंच गया है, फिर भी उमस और गर्मी से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद कम है। मुंबई, ठाणे, पालघर, नासिक और उत्तर महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में गर्मी की परेशानी बनी रहने का अनुमान जताया गया है। जो लोग बारिश या ठंड का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें थोड़ा और वक्त उमस झेलनी पड़ सकती है।
गर्मी का असर मुंबई, ठाणे, पालघर जिले के डहाणू, नासिक, धुले, नंदुरबार, जलगांव, छत्रपति संभाजीनगर और अहिल्यानगर में महसूस होने की संभावना है। मुंबई और आसपास के तटीय इलाकों में हवा में नमी ज्यादा होने की वजह से असल तापमान से भी ज्यादा उमस लग सकती है। समुद्र की तरफ से चलने वाली हवाएं कुछ हद तक राहत दे सकती हैं। लेकिन ये हवाएं देर से चलीं या इनका असर कम रहा, तो लोगों को बेचैनी झेलनी पड़ सकती है।
स्काईमेट के मौसम विशेषज्ञ महेश पलावत की जानकारी के मुताबिक गुजरात के आसपास प्रतिचक्रवात की स्थिति बनी है। ऐसे सिस्टम में हवा ऊपर से नीचे की ओर उतरती है। इससे माहौल में गर्मी टिके रहने के हालात बन सकते हैं।
गुजरात की तरफ से महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में आने वाली सूखी और गर्म हवाएं भी तापमान पर असर डाल सकती हैं। इसका असर खासकर उत्तर महाराष्ट्र और आसपास के इलाकों में दिख सकता है। मुंबई जैसे तटीय शहर में समुद्री हवाएं गर्मी की तीव्रता कुछ घटा सकती हैं, पर नमी ज्यादा रही तो उमस बनी रहेगी। इसलिए मुंबई, ठाणे और कोंकण के लोगों को सिर्फ तापमान ही नहीं, उमस भरे मौसम की भी मार सहनी पड़ सकती है।
तटीय महाराष्ट्र में फौरन बड़ी राहत देने वाला बदलाव आने की संभावना कम बताई गई है। फिर भी राज्य के सभी जिलों में एक जैसा मौसम रहे, यह जरूरी नहीं। स्थानीय हवाओं की दिशा, नमी और अलग-अलग मौसम सिस्टम के हिसाब से तापमान और बारिश के आसार बदल सकते हैं।
मुंबई, ठाणे, पालघर, नासिक और उत्तर महाराष्ट्र के लोगों को बारिश का अंदाजा लेने के लिए भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा जिलावार अनुमान पर नजर रखनी चाहिए। बारिश की आधिकारिक चेतावनी जारी हुई है या नहीं, यह भी जांच लेना चाहिए। अभी मौजूद मौसम विश्लेषण के आधार पर यह पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता कि महाराष्ट्र में तुरंत हर जगह बारिश होगी या ठंड शुरू हो जाएगी।
इधर महाराष्ट्र में उमस बनी हुई है, तो दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में बारिश की हलचल बढ़ने के संकेत हैं। बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बना तो उसका असर दक्षिण भारत के मौसम पर पड़ सकता है। तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश का जोर बढ़ने की संभावना जताई गई है। खासकर तमिलनाडु में पूर्वोत्तर मॉनसून से बारिश की कमी कुछ हद तक पूरी होने में मदद मिल सकती है।
आगे बारिश की हलचल तटीय इलाकों से अंदरूनी इलाकों की तरफ खिसकने की संभावना भी जताई जा रही है। लेकिन असल बारिश कितनी होगी और कहां तक फैलेगी, इस बारे में आधिकारिक मौसम अनुमान ही अहम रहेगा।
महाराष्ट्र के लोगों को उमस से कब राहत मिलेगी, यह आने वाले दिनों के मौसम पर टिका है। गुजरात के आसपास का मौसम सिस्टम, स्थानीय हवाओं की दिशा और हवा की नमी राज्य के मौसम पर असर डाल सकते हैं। लोगों को मौसम विभाग की ताजा सूचनाओं पर नजर रखनी चाहिए और बारिश को लेकर नतीजे आधिकारिक अनुमान के हिसाब से ही निकालने चाहिए।
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