बुधवार, 7 अक्टूबर 2026

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18:48 IST

अंत्योदय योजना की मुफ्त साड़ियां घटिया, महिलाओं ने खेत की बाड़ पर बांध दीं

ग्रामीण और आदिवासी इलाकों की लाभार्थी महिलाओं का कहना है कि साड़ियां इतनी पतली हैं कि पहनने लायक नहीं। भूमिपुत्र एल्गार ने मुख्यमंत्री से जांच की मांग की है।

अंत्योदय योजना की मुफ्त साड़ियां घटिया, महिलाओं ने खेत की बाड़ पर बांध दीं तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

अंत्योदय योजना के तहत सरकार की तरफ से बांटी जा रही मुफ्त साड़ियों की क्वालिटी पर अब गंभीर सवाल उठ गए हैं। ये साड़ियां राशन कार्ड धारकों के जरिए जरूरतमंद महिलाओं तक पहुंचाई जाती हैं। लेकिन ग्रामीण और आदिवासी इलाकों की लाभार्थी महिलाओं ने इन्हें पहनने के बजाय खेतों की बाड़ पर बांध दिया है, और यह बात चौंकाने वाली है।

महिलाओं का कहना है कि सरकार से मिली साड़ियों का कपड़ा बहुत पतला और कमजोर है। उनके मुताबिक यह रोज के इस्तेमाल के लायक बिल्कुल नहीं है। साड़ी पर फॉल, पिको और ब्लाउज सिलवाने में जो अलग से खर्च होता है, वह भी बेकार चला जाता है, इस बात की महिलाओं में कड़ी नाराजी है। इसी वजह से उन्होंने खेत और सब्जियों की फसल को आवारा जानवरों से बचाने के लिए साड़ियों को बाड़ पर लगा दिया। इस तरह योजना को लागू करने की पोल खुल गई है।

इस मामले में भूमिपुत्र एल्गार संगठन आक्रामक हो गया है। संगठन के संस्थापक अध्यक्ष प्रमोद पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखित निवेदन देकर पूरे मामले की अलग और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि गरीब और आदिवासी महिलाओं को सहारा देने के लिए शुरू की गई इस कल्याणकारी योजना को भ्रष्टाचार की दीमक लग गई है।

संगठन ने यह सवाल भी उठाया है कि सरकार के करोड़ों रुपये के फंड से खरीदी गई इन साड़ियों का तकनीकी क्वालिटी टेस्ट आखिर क्यों नहीं किया गया। प्रमोद पवार ने मांग की है कि साड़ी खरीद की पूरी प्रक्रिया की गहराई से जांच हो। इसमें टेंडर, क्वालिटी की जांच, सप्लाई करने वाली कंपनियां और जिम्मेदार अधिकारी, सब शामिल हों। उन्होंने कहा है कि जांच की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और जो भी दोषी पाए जाएं, उन पर सख्त कार्रवाई हो।

अब देखना यह है कि इस मुद्दे पर सरकार क्या रुख अपनाती है। फिलहाल गांव और आदिवासी इलाकों की ये महिलाएं मुफ्त में मिली साड़ियों को पहनने की जगह खेतों की बाड़ पर टंगा देख रही हैं, और संगठन खरीद में गड़बड़ी की जांच का इंतजार कर रहा है।

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