शनिवार, 10 अक्टूबर 2026

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13:34 IST

मिरा-भाईंदर में सामान्य बस का किराया 14 रुपये तक बढ़ाने का प्रस्ताव, एसी बस सस्ती होगी

मिरा-भाईंदर महापालिका के प्रशासन ने सामान्य बसों का किराया बढ़ाने और एसी बसों का किराया घटाने का प्रस्ताव तैयार किया है। फैसला आने वाली महासभा में होगा।

मिरा-भाईंदर में सामान्य बस का किराया 14 रुपये तक बढ़ाने का प्रस्ताव, एसी बस सस्ती होगी तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

मिरा-भाईंदर महापालिका के प्रशासन ने परिवहन सेवा की सामान्य बसों का किराया बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके साथ ही एसी बसों का किराया घटाने का प्रस्ताव भी रखा गया है। अब सबकी नजर आने वाली महासभा पर है, जहां इस प्रस्ताव पर फैसला होना है।

प्रशासन का कहना है कि डीजल के बढ़ते दाम, बसों की देखभाल और मरम्मत का खर्च और परिवहन सेवा चलाने का बढ़ा हुआ आर्थिक बोझ किराए पर दोबारा विचार करने की वजह हैं। दूसरी तरफ एसी बसों को यात्रियों से कम रिस्पांस मिल रहा है, इसलिए उनका किराया कम करने की बात कही गई है।

प्रस्ताव के मुताबिक दूरी के हिसाब से सामान्य बस के किराए में 1 रुपये से लेकर 14 रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है। दो किलोमीटर तक के सफर का किराया अभी 6 रुपये है, जिसे बढ़ाकर 8 रुपये करने का प्रस्ताव है। 10 से 12 किलोमीटर के सफर का किराया 17 रुपये से 18 रुपये होगा। 28 से 30 किलोमीटर के लिए 26 रुपये की जगह 36 रुपये और 38 से 40 किलोमीटर के लिए 32 रुपये की जगह 46 रुपये लगने का प्रस्ताव है। यानी लंबा सफर करने वालों को ज्यादा पैसे देने पड़ सकते हैं।

एसी बसों के मामले में प्रशासन का कहना है कि मौजूदा किराया ज्यादा होने की वजह से यात्री इन बसों की तरफ नहीं आ रहे। दूसरे शहरों की परिवहन सेवाओं के किराए से तुलना करके एसी बसों के दाम घटाने का प्रस्ताव बनाया गया है। दूरी के हिसाब से एसी बस के किराए में 5 रुपये से 35 रुपये तक की कटौती हो सकती है। प्रशासन को उम्मीद है कि इससे ज्यादा यात्री एसी बसों में बैठेंगे और इस सेवा का इस्तेमाल बढ़ेगा।

प्रस्ताव में बताया गया है कि शहर में सामान्य बसों का किराया 2013 में और एसी बसों का किराया 2016 में तय हुआ था। उसके बाद से किराए में कोई बदलाव नहीं किया गया। इस बीच डीजल के दाम, इलेक्ट्रिक बसों पर आने वाला खर्च और बसों की मरम्मत के सामान की कीमतें बढ़ी हैं। प्रशासन के मुताबिक इसी वजह से परिवहन सेवा चलाना महंगा हो गया है।

फिलहाल मिरा-भाईंदर महापालिका की परिवहन सेवा में 74 डीजल बसें और 57 इलेक्ट्रिक बसें हैं, यानी कुल 131 बसें। ये बसें शहर के अंदर के रूटों पर चलती हैं और ठाणे और मुंबई की तरफ भी जाती हैं। रोजाना के सफर के लिए शहर के कई लोग इसी बस सेवा पर निर्भर हैं।

पिछले कुछ महीनों से परिवहन सेवा के स्तर को लेकर शिकायतें आ रही हैं। यात्रियों का कहना है कि बसें बार-बार बंद पड़ जाती हैं और टाइमटेबल के हिसाब से बसें मिलती भी नहीं, जिससे वक्त पर मंजिल तक पहुंचना मुश्किल होता है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि किराया बढ़ाने से पहले बसों की नियमित उपलब्धता, टाइमटेबल का पालन, देखभाल और यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं में सुधार होगा या नहीं। प्रशासन ने खर्च बढ़ने की बात कही है, लेकिन सेवा का स्तर सुधारने के लिए कौन से ठोस कदम उठाए जाएंगे, यह भी साफ होना जरूरी है।

इससे पहले 2022 में भी किराया बढ़ाने का प्रस्ताव महासभा के सामने आया था, लेकिन उसे खारिज कर दिया गया था। अब एक बार फिर किराए में बदलाव का प्रस्ताव आने वाली महासभा में मंजूरी के लिए रखा जाएगा। देखना होगा कि महासभा इसे मंजूर करती है या यात्रियों की परेशानी को देखते हुए अलग फैसला लेती है। यह सिर्फ किराया बढ़ाने और घटाने का प्रस्ताव है। महासभा की मंजूरी मिलकर आधिकारिक फैसला होने तक प्रस्तावित दरों को लागू न समझा जाए।

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