मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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16:41 IST

मीरा-भायंदर में गरबा पास खरीदिए, सूखा पीड़ित किसानों के लिए जुटेगा 50 लाख

मीरा-भायंदर में इस साल लोटस नवरात्रोत्सव के जरिए सूखा पीड़ित किसानों के लिए 50 लाख रुपये तक का फंड जुटाने की मुहिम चलाई जा रही है।

मीरा-भायंदर में गरबा पास खरीदिए, सूखा पीड़ित किसानों के लिए जुटेगा 50 लाख
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

मीरा-भायंदर शहर में हर साल की तरह इस बार भी बहुप्रतीक्षित और मशहूर लोटस नवरात्रोत्सव का आयोजन होने जा रहा है। इस साल उत्सव को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ा गया है। आयोजकों ने सूखा पीड़ित किसानों की मदद के लिए एक नई पहल शुरू की है।

इस पहल का नाम 'Buy A Pass, Be A Donor' रखा गया है, यानी 'गरबा का पास खरीदिए और दानदाता बनिए'। इसी सोच के तहत किसानों के लिए फंड इकट्ठा किया जाएगा।

नवरात्रोत्सव के बहाने शहर के लोगों को मनोरंजन के साथ-साथ समाज के काम में हिस्सा लेने का मौका भी मिलेगा। जो लोग गरबा का पास खरीदेंगे, उनकी भागीदारी सिर्फ उत्सव तक सीमित नहीं रहेगी। वह सूखा पीड़ित किसान भाइयों की मदद के काम भी आएगी।

इस मुहिम की जानकारी देते हुए भाजपा के गटप्रमुख हसमुख गेहलोत ने कहा कि सूखे के हालात में राज्य के किसान बड़ी मुसीबत से गुजर रहे हैं। ऐसे में समाज के हर तबके को अपनी तरफ से मदद के लिए आगे आना जरूरी है। इसीलिए इस साल के लोटस नवरात्रोत्सव के जरिए लोगों को सामाजिक योगदान का मौका देने का फैसला लिया गया।

गेहलोत ने बताया कि 'Buy A Pass, Be A Donor' मुहिम के तहत किसानों के लिए 50 लाख रुपये तक का फंड जुटाने का इरादा है। उन्होंने मीरा-भायंदर के नागरिकों, गरबा के शौकीनों, व्यापारियों, उद्योगपतियों और सामाजिक संस्थाओं से अपील की कि वे बड़ी संख्या में इस पहल से जुड़ें।

नवरात्रोत्सव सिर्फ धार्मिक और सांस्कृतिक त्योहार नहीं है। यह सामाजिक एकता, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी जताने का असरदार जरिया भी है। इसी वजह से गरबा के जरिए किसानों की मदद करने की यह पहल मीरा-भायंदर में एक नया सामाजिक संदेश देगी, ऐसी उम्मीद जताई जा रही है।

मुहिम का संदेश साफ है: पास खरीदिए, गरबा खेलिए और किसानों की मदद में अपना छोटा सा हिस्सा डालिए। अब सबकी नजर इस पर है कि मीरा-भायंदर के लोग इस साल के लोटस नवरात्रोत्सव को कैसा खुलकर जवाब देते हैं और 50 लाख रुपये जुटाने का लक्ष्य कितना पूरा हो पाता है।

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