मेलघाट के आदिवासी सड़कों की मांग लेकर उतरे, कलेक्टर दफ्तर के पास धरना दिया
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आजादी के 80 साल पूरे होने को हैं, फिर भी मेलघाट के दुर्गम आदिवासी गांवों को पक्की सड़कों जैसी बुनियादी सुविधा के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। सड़कें न होने से मरीज, गर्भवती महिलाएं, विद्यार्थी और गांव के लोग भारी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। सेहत और पढ़ाई से जुड़े सवाल भी गंभीर हो गए हैं। इन समस्याओं की ओर सरकार का ध्यान खींचने के लिए सोमवार को आदिवासी भाइयों ने वीरांगना राणी दुर्गावती चौक से मोर्चा निकाला और कलेक्टर दफ्तर परिसर में धरना आंदोलन किया।
"ना लोकसभा, ना विधानसभा, सबसे बड़ी ग्रामसभा" और "डोमी से रुई पठार तक सीमेंट कंक्रीट सड़क बननी ही चाहिए" जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। आंदोलन में डोमा, भुसूम, कुही, रुईपठार, खोखोमार, चिलाटी, सिमोरी, कारंजखेडा, मारीता, सावरखेडा, हतरू, रायपूर, बोराटा समेत कई गांवों की सड़कों का सवाल उठाया गया।
आदिवासी गांवों को सालभर आवाजाही की सुविधा मिले, इसके लिए अलग-अलग मार्गों पर टिकाऊ सीमेंट कंक्रीट सड़कें बनाने की मांग की गई। इन मार्गों में रुई पठार-डोमी नाका, सुमिता-डोमी, डोमा-भुसूम, भुसूम-खोखोमार, भुसूम-राजा फाटा, चिलाटी-कुही, सिमोरी फाटा-सुमिता (10 किमी), खुटीदा फाटा-एकताई फाटा, हतरू-सावरखेडा, रेट्या फाटा-जोडा कुवा, सावरखेडा-रेट्याखेडा, रायपूर-रेट्याखेडा और रेट्याखेडा-भुसूम शामिल हैं। खुटीदा में नदी पर पुल बनाने की मांग भी रखी गई।
ग्रामीणों ने बताया कि पहले कई बार निवेदन देने के बाद भी मांगें पूरी नहीं हुईं, इसलिए उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। आंदोलनकारियों की मांग है कि कलेक्टर संबंधित निर्माण और सड़क विकास विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर ठोस फैसला करें और कामों के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करें। आंदोलन में हतरू के उपसरपंच भैय्यालाल मावसकर, ग्राम पंचायत सदस्य गेंदालाल कास्देकर समेत अलग-अलग गांवों के जनप्रतिनिधि और आदिवासी भाई शामिल हुए।
निवेदन में दुर्गम इलाकों में सड़क, बिजली, सेहत और शिक्षा की सुविधाओं की कमी दूर करने की मांग की गई है। मरीजों को वक्त पर इलाज मिलने में रुकावट आती है, जबकि विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए खतरनाक सफर करना पड़ता है। ग्रामीणों ने खास तौर पर कहा कि प्रसव के दौरान महिलाओं को समय पर मेडिकल मदद मिलने में दिक्कत आती है। निवेदन में सड़कें न होने की वजह से माताओं की मौत होने का जिक्र भी किया गया है।