नागपुर जिले के 85 गांवों में फ्लोराइड वाला पानी, 26.40 करोड़ की योजना तैयार
नागपुर जिले के 85 गांवों में फ्लोराइडयुक्त पानी की आपूर्ति हो रही है। जिला परिषद ने नए जलस्रोत और डिफ्लोराइडेशन की योजना बनाई है।
नागपुर जिले में जल जीवन मिशन के जरिए लोगों तक शुद्ध और सुरक्षित पानी पहुंचाने की योजनाएं चल रही हैं। इन योजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हैं। इसके बावजूद एक चौंकाने वाली बात सामने आई है कि जिले के 85 गांवों में फ्लोराइड वाला पानी सप्लाई हो रहा है।
इन गांवों में सबसे ज्यादा 20 गांव रामटेक तहसील के हैं। उसके बाद कुही तहसील के 18 गांव आते हैं। पानी में फ्लोराइड ज्यादा होने से लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ने का खतरा रहता है।
इस हालत को देखते हुए जिला परिषद के सीईओ विनायक महामुनि ने बताया कि इन गांवों के लिए नए जलस्रोत विकसित किए जाएंगे। साथ ही डिफ्लोराइडेशन के जरिए पानी को साफ करने का इंतजाम भी किया जाएगा।
महामुनि के मुताबिक जिले के 26 गांवों में नए जलस्रोत तैयार किए जाएंगे, जबकि 56 गांवों में डिफ्लोराइडेशन का काम होगा। इन कामों के लिए करीब 26.40 करोड़ रुपये की निधि की जरूरत बताई गई है।
यह रकम खनिज निधि और जिला नियोजन समिति (DPC) के जरिए दी जाएगी। जल जीवन मिशन से पानी की सप्लाई का दायरा बढ़ाते वक्त पानी की क्वालिटी बनाए रखना भी जरूरी होगा। प्रस्तावित खास योजना के बाद उम्मीद है कि इन 85 गांवों के लोगों को आगे चलकर सुरक्षित और फ्लोराइड से मुक्त पानी मिलेगा।
पानी में फ्लोराइड का स्तर ज्यादा होने से गांव वालों में हड्डियों की बीमारी (फ्लोरोसिस), जोड़ों में दर्द और दांतों के पीले पड़ने जैसी दिक्कतें बढ़ने की आशंका बनी रहती है। इसी वजह से स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि मांग कर रहे हैं कि यह परियोजना जल्द से जल्द पूरी हो।
नागपुर जिला प्रशासन ने भरोसा दिया है कि निधि मिलते ही निविदा प्रक्रिया पूरी करके काम समयसीमा के अंदर शुरू कर दिए जाएंगे, ताकि गांव वालों को दूषित पानी के खतरे से राहत मिले।
जिला परिषद, नागपुर के सीईओ विनायक महामुनि ने कहा, "नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की योजना है। इसके लिए प्रयास भी शुरू हैं। इसके तहत नए जलस्रोत विकसित करने के साथ ही डिफ्लोराइडेशन यूनिट तैयार करने के प्रस्ताव हैं।"