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03:09 IST

मराठी फिल्म 'इरावती' 12 फरवरी 2027 को सिनेमाघरों में, रिश्तों और रहस्य की कहानी

निलेश देशपांडे के निर्देशन में बनी मराठी फिल्म 'इरावती' नए साल में 12 फरवरी 2027 को दर्शकों के सामने आएगी।

मराठी फिल्म 'इरावती' 12 फरवरी 2027 को सिनेमाघरों में, रिश्तों और रहस्य की कहानी तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

मराठी फिल्म 'इरावती' नए साल में 12 फरवरी 2027 को दर्शकों के सामने आने वाली है। फिल्म की रिलीज डेट का ऐलान कर दिया गया है। यह फिल्म रिश्तों की गर्माहट, अपनापन और उसके साथ जुड़े एक रहस्य की कहानी कहती है।

फिल्म के पीछे की सोच यह है कि रिश्ते जोड़ना और उन्हें दिल से निभाना जिंदगी की सबसे खूबसूरत बातों में से है। इंसान पैदा होते ही कुछ रिश्तों में बंध जाता है, जबकि कुछ रिश्ते जिंदगी के सफर में बिना पता चले जुड़ते चले जाते हैं। कुछ रिश्ते खून के होते हैं, तो कुछ माया, प्यार, अपनापन और भरोसे के धागों से बुने होते हैं। 'इरावती' इन्हीं रिश्तों की बात करती है।

फिल्म चिन्मय प्रॉडक्शन की पेशकश है। इसका निर्देशन निलेश देशपांडे ने किया है और निर्माता डॉ. दिनेश वैद्य हैं।

फिल्म में सतीश पुळेकर, अलका कुबल-आठल्ये, विजय गोखले, सुनील बर्वे, संतोष जुवेकर, जुई भागवत, स्वरदा करंदीकर, मृणालिनी जांभळे और अवंती सानप मुख्य भूमिकाओं में हैं। अनुभवी कलाकारों की इस मजबूत टोली और रिश्तों के भावनात्मक संसार को खोलने वाली कहानी की वजह से दर्शकों में फिल्म को लेकर उत्सुकता बनी है।

निर्माता डॉ. दिनेश वैद्य ने कहा, "'इरावती' सिर्फ एक फिल्म की कहानी नहीं है, यह इंसानों के बीच के रिश्तों और भावनात्मक बंधनों की खोज करने वाला अनुभव है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में रिश्तों को संभालना, उन्हें समझना और उनकी अहमियत जानना ज्यादा जरूरी हो गया है। हमारी कोशिश है कि दर्शकों को ऐसा कंटेंट दें जो उनकी अपनी जिंदगी से जुड़े, मन को छुए और फिल्म खत्म होने के बाद भी सोचने पर मजबूर करे। उम्मीद है कि 'इरावती' दर्शकों के मन में अपनेपन का एहसास जगाएगी।"

निर्देशक निलेश देशपांडे ने फिल्म के बारे में बात करते हुए कहा, "हर रिश्ते की अपनी एक कहानी होती है। इन रिश्तों की भावनाओं, उनमें छिपे खिंचाव और इंसानों को एक-दूसरे से जोड़ने वाले अदृश्य धागों को 'इरावती' के जरिए पकड़ने की कोशिश की गई है। मुझे भरोसा है कि यह कहानी दर्शकों को सिर्फ भावनात्मक अनुभव नहीं देगी, बल्कि अपनी जिंदगी के रिश्तों को नई नजर से देखने का एहसास भी कराएगी।"

फिल्म की कहानी डॉ. दिनेश वैद्य की है। पटकथा नंदू परदेशी ने लिखी है, जबकि संवाद लेखन की जिम्मेदारी डॉ. दिनेश वैद्य और नंदू परदेशी ने मिलकर संभाली है। फिल्म की सिनेमैटोग्राफी अनिकेत के ने की है और एडिटिंग सुबोध नारकर ने की है। पायलट साउंड की जिम्मेदारी राशी बुट्टे के पास रही।

कला निर्देशन महेंद्र राऊत का है और संभाजी जायेभाये ने कार्यकारी निर्माता के तौर पर काम देखा है। संगीत निर्देशन कमलेश भडकमकर का है, जबकि मिक्सिंग इंजीनियर के रूप में अभिजीत श्रीराम देव ने काम किया है। कॉस्ट्यूम ममता मंडल और विदुला तामोरे ने तैयार किए हैं। मेकअप की जिम्मेदारी सुदर्शन कुलाबकर के पास रही और हेयर स्टाइल जयश्री नाईक ने संभाला है। इस पूरी टीम को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि फिल्म दर्शकों का दमदार मनोरंजन करेगी।

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