शनिवार, 31 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट

मनीषा भानवाला ने जीता विश्व कुश्ती का सोना, ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला

मनीषा भानवाला ने जीता विश्व कुश्ती का सोना, ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
खेल PT24 टीम

मनीषा भानवाला ने 59 किलो के फाइनल में अमेरिका की एबिगेल नेट को 8-6 से हराकर विश्व कुश्ती चैंपियनशिप का गोल्ड मेडल जीता।

भारतीय कुश्ती के लिए बड़े गर्व की खबर है। मनीषा भानवाला ने विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। वो इस चैंपियनशिप में सोना जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बन गई हैं।

महिलाओं के 59 किलो वजन वर्ग के फाइनल में मनीषा का मुकाबला अमेरिका की एबिगेल नेट से था। मनीषा ने यह मुकाबला 8-6 से अपने नाम किया और गोल्ड पर कब्जा किया। भारत को विश्व कुश्ती चैंपियनशिप का खिताब 16 साल के लंबे इंतजार के बाद मिला है। इस जीत के बाद भारतीय कुश्ती में खुशी का माहौल है।

मनीषा हरियाणा के जींद की रहने वाली हैं और उनका परिवार खेती से जुड़ा है। घर में खेल की परंपरा पहले से रही है। उनके भाई रिंकू कबड्डी खिलाड़ी हैं, जबकि भाभी ममता सिहाग भी पहलवान हैं। घर के माहौल और गांव की खेल संस्कृति की वजह से मनीषा को कुश्ती का शौक लगा।

अपने करियर में मनीषा अलग-अलग वजन वर्गों में उतरीं। उन्होंने 62 किलो, 65 किलो और 57 किलो में भी मुकाबले लड़े। अब 29 साल की उम्र में उन्होंने 59 किलो वर्ग में दुनिया की सबसे बड़ी कामयाबी हासिल की, जो ओलंपिक में शामिल नहीं है।

उनकी जिंदगी का सबसे मुश्किल दौर पिता के निधन का था। साल 2022 में मंगोलिया में होने वाली एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप के लिए रवाना होने से एक रात पहले उनके पिता सुरेश गुजर गए। सुरेश एक जागरण में गए थे और अगली सुबह नींद में ही उन्हें दिल का दौरा पड़ा। मनीषा इस सदमे से पूरी तरह टूट गईं। उनका घर से बाहर निकलने तक का मन नहीं करता था, और कुछ वक्त के लिए उन्होंने कुश्ती छोड़ने का भी सोचा।

फिर भी पिता का सपना पूरा करने की जिद उन्हें वापस अखाड़े में खींच लाई। मुश्किल हालात में भी उन्होंने प्रैक्टिस जारी रखी और अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ती रहीं।

फाइनल जीतने के बाद मनीषा ने मां-बाप की तस्वीर वाली सफेद टी-शर्ट दर्शकों के सामने गर्व से दिखाई। यह पल सिर्फ एक खिलाड़ी की जीत का नहीं था, बल्कि उस बेटी के भावुक सफर का था जिसने अपने पिता का सपना पूरा किया। मनीषा की इस कामयाबी से भारतीय कुश्ती को नई पहचान मिली है और उन्होंने दिखा दिया कि संघर्ष, जिद और कड़ी मेहनत के दम पर दुनिया में नाम कमाया जा सकता है।

#नागपुर#खेल#PT24#Sports#Nagpur

विज्ञापन

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप 'आप' पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे