बुधवार, 14 अक्टूबर 2026

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21:13 IST

निगडी के मंदिर में नाबालिग बच्ची से अत्याचार की कोशिश, आरोपी हिरासत में

पिंपरी-चिंचवड के निगडी इलाके के एक मंदिर में नाबालिग बच्ची के साथ अत्याचार की कोशिश का आरोप है। घटना सीसीटीवी में रिकॉर्ड हुई और पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया है।

पिंपरी-चिंचवड शहर के निगडी इलाके में एक मंदिर के अंदर नाबालिग बच्ची के साथ ज़बरदस्ती की कोशिश का मामला सामने आया है। इस घटना से इलाके के लोग सदमे में हैं और गुस्सा भी जता रहे हैं। महाराष्ट्र में बच्चियां सुरक्षित हैं या नहीं, यह सवाल एक बार फिर उठ रहा है।

बताया गया है कि बच्ची मंदिर में भगवान के दर्शन करने और पैर छूने गई थी। आरोप है कि वहां आरोपी ने उसके साथ अत्याचार करने की कोशिश की। पूरी घटना मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है।

घटना सामने आते ही स्थानीय लोगों ने शोर मचाया और पुलिस को खबर दी। पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।

कहा जा रहा है कि आरोपी मेट्रो की निर्माण कंपनी में काम करने वाला कर्मचारी है और काम के सिलसिले में इसी इलाके में रह रहा था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उसे ढूंढ निकाला और हिरासत में ले लिया है। उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक मामले की गहराई से जांच की जा रही है। बच्ची का मेडिकल चेकअप और काउंसलिंग कराई जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को सख्त सज़ा दिलाने की कोशिश की जा रही है।

इस घटना के बाद मंदिर की सुरक्षा पर सवाल उठे हैं। मंदिर, स्कूल, बगीचे जैसी सार्वजनिक जगहों पर छोटे बच्चों की सुरक्षा बड़ा मुद्दा बन गई है। लोग श्रद्धा से मंदिर आते हैं, फिर भी वहां ऐसी घटना होना दुर्भाग्यपूर्ण है। मंदिर परिसर में सिक्योरिटी गार्ड नहीं होना और सीसीटीवी लगे होने के बावजूद उन पर नज़र रखने वाला कोई न होना, इन बातों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ऐसी सार्वजनिक जगहों पर पुलिस की गश्त बढ़ाई जानी चाहिए। मंदिर ट्रस्ट को भी सुरक्षा बढ़ानी चाहिए। बच्चे अकेले मंदिर आते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा का ध्यान रखना ज़रूरी है।

निगडी इलाके के नागरिकों ने गुस्सा जताया है। आरोपी को कड़ी से कड़ी सज़ा देने की मांग हो रही है। उनका कहना है कि बच्चों पर अत्याचार की घटनाएं दिन-ब-दिन बढ़ रही हैं, इसलिए कानून और सख्त करने की ज़रूरत है। बाल अधिकार कार्यकर्ताओं ने कहा कि ऐसे मामलों में पीड़ित बच्ची को न्याय मिलना बहुत अहम है और उसे मानसिक सहारा देना ज़रूरी है। समाज को भी ऐसे मौकों पर पीड़ित परिवार के साथ खड़ा होना चाहिए।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अपने छोटे बच्चों को अकेले कहीं न भेजें। उन्हें अच्छे-बुरे स्पर्श के बारे में बताएं। कुछ गलत हो तो फौरन पुलिस को खबर करें। फिलहाल मामले की जांच चल रही है और पुलिस जल्द ही कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करेगी।

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