'महाराष्ट्र पब्लिक रिलीफ सोसायटी' बनी, गरजू मरीजों और आपदा पीड़ितों के लिए जुटेगा अतिरिक्त फंड
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मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की संकल्पना से बनी सोसायटी कंपनियों, संस्थाओं और दानदाताओं की मदद से इलाज और आपदा राहत के लिए पैसा जुटाएगी।
मुंबई, 4 तारीख: राज्य में सूखे के हालात और प्राकृतिक आपदा के वक्त प्रभावित लोगों की मदद के साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के इलाज के लिए ज्यादा पैसा उपलब्ध हो, इस मकसद से मुख्यमंत्री सहायता निधि को अब सामाजिक भागीदारी की ताकत मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की संकल्पना से 'महाराष्ट्र पब्लिक रिलीफ सोसायटी' की स्थापना की गई है।
इस सोसायटी के जरिए कंपनियां, संस्थाएं, दानदाता और दूसरे सामाजिक घटक मिलकर अतिरिक्त फंड खड़ा करेंगे। यह पैसा जरूरतमंद मरीजों के साथ-साथ अलग-अलग आपदाओं से प्रभावित लोगों की मदद में लगाया जा सकेगा। यानी महंगे इलाज की जरूरत वाले मरीजों को ज्यादा आर्थिक मदद दी जा सकेगी, और सूखा, प्राकृतिक आपदा या दूसरी आपातकालीन हालत में भी मदद का हाथ बढ़ाया जा सकेगा।
इस नई व्यवस्था से हृदयरोग, कैंसर, किडनी के रोग, दिमाग के रोग समेत कई गंभीर बीमारियों की सर्जरी और महंगे व लंबे इलाज के लिए ज्यादा मदद दी जा सकेगी। जरूरत के हिसाब से दवाइयों, मेडिकल सामान और इलाज के लिए जरूरी दूसरी चीजों के लिए भी मदद मिल सकेगी। दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए भी इसी रास्ते से खास मदद जुटाई जा सकेगी।
मुख्यमंत्री सहायता निधि कक्ष की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने निर्देश दिया था कि मरीजों के इलाज के लिए सामाजिक दायित्व के तहत अतिरिक्त फंड जुटाने के विकल्पों का अध्ययन किया जाए। उसी के मुताबिक 'महाराष्ट्र पब्लिक रिलीफ सोसायटी' बनाई गई। कंपनियों, संस्थाओं और दानदाताओं की भागीदारी से जुटाया गया पैसा जरूरतमंद मरीजों के इलाज में इस्तेमाल होगा। अस्पताल, स्वयंसेवी संस्थाएं, कंपनियां और सामाजिक संस्थाएं जरूरत के हिसाब से एक साथ लाई जा सकेंगी और उनके साथ मिलकर तरह-तरह के मेडिकल मदद के कार्यक्रम भी चलाए जा सकेंगे।
प्रभावित व्यक्तियों और उनके परिवारों की मदद की जा सकेगी। गरीब लोगों को जरूरी सामान बांटना, दिव्यांगों के लिए काम करने वाली संस्थाओं को सहयोग देना और सामुदायिक स्वास्थ्य शिविर लगाना भी इसमें शामिल है। स्वास्थ्य जागरूकता, चर्चा सत्र, वर्कशॉप और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रमों को भी इसके जरिए मदद दी जा सकेगी।
सोसायटी का व्यापक मकसद सामाजिक भागीदारी से ज्यादा संसाधन जुटाकर जरूरतमंद मरीजों और आपदाग्रस्त लोगों तक मदद पहुंचाना है। राज्य में सूखे के हालात हों या कोई और प्राकृतिक आपदा, ऐसे संकट के समय सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी से राहत के कार्यक्रम चलाए जाएंगे। जरूरत के हिसाब से अलग-अलग मदद के कार्यक्रम चल सकेंगे, इसलिए आगे चलकर मदद का दायरा बढ़ाया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री सहायता निधि और धर्मार्थ अस्पताल मदद कक्ष के प्रमुख रामेश्वर नाईक ने इस पहल के लिए दाताओं से आगे आकर अपना योगदान देने की अपील की है। उनके मुताबिक कंपनियों, संस्थाओं और दानवीर लोगों की भागीदारी से ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाई जा सकेगी।
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