बुधवार, 4 नवंबर 2026

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नागपुर पुलिस बनाएगी 12 निर्भया स्क्वॉड, DCP रश्मिता राव ने बताई महिला सुरक्षा की योजना

नागपुर पुलिस बनाएगी 12 निर्भया स्क्वॉड, DCP रश्मिता राव ने बताई महिला सुरक्षा की योजना तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
जुर्म PT24 टीम

डीसीपी रश्मिता राव ने बताया कि छेड़छाड़ और पीछा करने की घटनाओं के बीच नागपुर पुलिस गश्त बढ़ा रही है और डिस्ट्रेस कॉल पर जल्दी पहुंचने पर ज़ोर दे रही है।

नागपुर में महिलाओं के साथ छेड़छाड़, पीछा करने और दूसरे अपराधों की घटनाओं के बीच महिला सुरक्षा बड़ी चिंता बन गई है। इसे देखते हुए नागपुर पुलिस ज़मीनी स्तर पर अपना सुरक्षा नेटवर्क मज़बूत कर रही है, गश्त बढ़ा रही है और मदद के लिए आने वाले कॉल पर तेज़ी से पहुंचने पर ध्यान दे रही है। डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (डीसीपी) रश्मिता राव ने एक खास बातचीत में शहर की पुलिसिंग की रणनीति, महिला सुरक्षा दस्तों के काम और आगे की योजनाओं के बारे में बताया।

राव ने कहा कि महिलाएं सार्वजनिक जगहों पर बेखौफ घूम सकें और देर रात भी सुरक्षित घर लौट सकें, यह पुलिस का मकसद है। उनके मुताबिक जब भी किसी महिला को परेशान किया जाए या उसे डर लगे, तो उसे फौरन मदद मिले, इसके लिए शहर पुलिस सक्रिय है। उन्होंने कहा कि तुरंत कार्रवाई, असरदार गश्त और शिकायतों को संवेदनशीलता से संभालना पुलिस के तरीके का केंद्र है।

जांच की रफ्तार पर बात करते हुए राव ने बताया कि महिलाओं के खिलाफ अपराध के कुछ मामलों में पुलिस ने सिर्फ 6 से 13 घंटे के भीतर जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल की है। इससे साफ है कि आरोपियों पर तेज़ कानूनी कार्रवाई पर जोर है, ताकि पीड़ितों को जांच की लंबी देरी न झेलनी पड़े।

राव ने 2025 में शुरू हुई 'दुर्गा मार्शल' पहल के बारे में बताया कि इस यूनिट में 14 महिला पुलिसकर्मी हैं। ये शहर के अलग-अलग हिस्सों में गश्त करती हैं, संदिग्ध गतिविधियों पर नज़र रखती हैं और महिलाओं को परेशान किए जाने से रोकती हैं। टीम खास तौर पर छेड़छाड़ करने वालों, पीछा करने वालों और सार्वजनिक जगहों पर महिलाओं के साथ आपत्तिजनक बर्ताव करने वालों पर नज़र रखती है। इसकी मौजूदगी का मकसद उत्पीड़न पर रोक लगाना है और महिलाओं को ऐसी पुलिस उपलब्ध कराना है जिससे वे आसानी से बात कर सकें और भरोसा महसूस करें।

राव ने डायल 112 की इमरजेंसी व्यवस्था का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि मदद के लिए कॉल आने के बाद पुलिसवाले आम तौर पर करीब पांच से छह मिनट में मौके पर पहुंच जाते हैं। सफर में या रात को घर लौटते वक्त परेशान की जा रही या खतरे में पड़ी महिलाओं के लिए यह तेज़ जवाब खास तौर पर अहम है।

महिला सुरक्षा की पहल को बड़ा करते हुए नागपुर पुलिस पुलिस कमिश्नर विश्वास नांगरे पाटिल की पहल पर महिलाओं की अगुवाई वाले 12 निर्भया स्क्वॉड बनाने की योजना बना रही है। ये खास टीमें नियमित गश्त करेंगी, संवेदनशील सार्वजनिक जगहों पर नज़र रखेंगी और शहर भर में महिलाओं के लिए सुरक्षा इंतज़ाम मज़बूत करेंगी। मकसद सिर्फ अपराध के बाद कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि पुलिस की दिखाई देने वाली मौजूदगी और पहले से सक्रिय रहकर उत्पीड़न को होने से पहले रोकना भी है। उम्मीद है कि ये प्रस्तावित स्क्वॉड उन महिलाओं में भरोसा बढ़ाएंगे जो काम, पढ़ाई या दूसरे कामों के लिए देर रात बाहर निकलती हैं।

राव ने यह भी कहा कि महिलाओं की शिकायतों को संवेदनशीलता से लिया जाना चाहिए और पुलिस स्टेशन में ऐसा माहौल होना चाहिए कि पीड़ित बिना डर, झिझक या सामाजिक दबाव के अपराध की रिपोर्ट कर सकें। बातचीत में महिलाओं के अधिकार, उनकी सुरक्षा की भावना और समाज में महिलाओं के प्रति रवैये को अब भी प्रभावित करने वाली पितृसत्तात्मक सोच जैसे बड़े मुद्दे भी आए। राव ने इन चुनौतियों से निपटने में पुलिस की जिम्मेदारी बताते हुए लगातार कार्रवाई, जन जागरूकता और जवाबदेह पुलिस व्यवस्था की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।

दुर्गा मार्शल यूनिट पहले से काम कर रही है और 12 निर्भया स्क्वॉड की योजना है। इस तरह नागपुर पुलिस अपराध रोकने वाली पुलिसिंग और इमरजेंसी रिस्पॉन्स दोनों को मज़बूत करना चाहती है। फिर भी बड़ी चुनौती यह बनी हुई है कि महिलाएं सिर्फ पुलिसवालों की मौजूदगी में ही नहीं, बल्कि शहर के हर मोहल्ले, हर गली और हर सार्वजनिक जगह पर सुरक्षित महसूस करें।

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