महाबलेश्वर नगरपालिका की अधूरी पड़ी नई इमारत का काम आखिरकार शुरू
महाबलेश्वर नगरपालिका की मुख्य प्रशासकीय इमारत के नवीनीकरण का रुका हुआ काम अब शुरू हो गया है।
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महाबलेश्वर नगरपालिका की मुख्य प्रशासनिक इमारत के नवीनीकरण का रुका हुआ काम आखिरकार जमीन पर शुरू हो गया है। शहर के लोग इस काम पर लंबे समय से नजर लगाए बैठे थे। कई सालों से यह इमारत अधूरी और खाली पड़ी थी, लेकिन अब उसे नया रूप मिलने वाला है और एक भव्य और आधुनिक प्रशासनिक इमारत जल्द ही नागरिकों की सेवा में आएगी।
नगराध्यक्ष सुनील शिंदे और मुख्य अधिकारी योगेश पाटील के लगातार पीछे लगे रहने से इस काम की सारी तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनें दूर हुईं और काम को रफ्तार मिली।
नगरपालिका की पुरानी इमारत छोटी पड़ रही थी और प्रशासनिक कामकाज भी बढ़ रहा था, इसलिए नई बड़ी इमारत की योजना बनाई गई थी। लेकिन कुछ तकनीकी दिक्कतों, निधि और दूसरे कारणों से यह काम कई साल तक अटका रहा। इसके अलावा सत्ताधारी और विपक्ष के बीच की राजनीतिक खींचतान की वजह से भी इमारत का काम रुका रहा। ऐतिहासिक और पर्यटन के लिहाज से अहम महाबलेश्वर शहर के बीचोबीच यह इमारत यूं ही पड़ी रही, जिससे नागरिकों में चिंता भी जताई जा रही थी।
इस अटके प्रोजेक्ट को गंभीरता से लेते हुए नगराध्यक्ष सुनील शिंदे और पार्षदों ने शासन के दरबार में लगातार दौड़ लगाई। राहत और पुनर्वास मंत्री मकरंद आबा पाटील के नेतृत्व में अलग-अलग विभागों की मंजूरियां लेना, निधि का रास्ता खोलना और तकनीकी खामियां दूर करना, इन सबके लिए नगराध्यक्ष सुनील शिंदे ने खास कोशिश की। आखिर इन भगीरथ प्रयासों को सफलता मिली और प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद इमारत का निर्माण पूरी क्षमता से शुरू कर दिया गया है।
अब यह इमारत सिर्फ एक प्रशासनिक दफ्तर नहीं रहेगी, बल्कि महाबलेश्वर की शान बढ़ाने वाली खूबसूरत इमारत बनेगी। इसमें नागरिकों के लिए सभी आधुनिक सुविधाएं, अलग-अलग विभागों के पूरी तरह तैयार दफ्तर, बड़ा सभागार और पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। इससे नगरपालिका का कामकाज और तेज होगा और एक ही छत के नीचे नागरिकों के सारे काम समय पर पूरे हो सकेंगे।
इस बीच महाबलेश्वर के स्थानीय नागरिक, व्यापारी और राजनीतिक हलकों में इस काम का जोरदार स्वागत हो रहा है। सत्ताधारी गुट के नेता नगराध्यक्ष सुनील शिंदे और उनके साथी पार्षदों का खास शुक्रिया अदा किया जा रहा है।
नगराध्यक्ष सुनील शिंदे ने कहा, "महाबलेश्वर नगरपालिका की यह इमारत शहर की एक मुख्य पहचान है। यह काम कई सालों तक रुका रहा, इससे नागरिकों को परेशानी हो रही थी। लेकिन हम सभी पार्षदों और साथियों की मेहनत और पीछा करने की वजह से आज यह काम शुरू हो रहा है, इसकी मुझे दिल से खुशी है। महाबलेश्वर की जनता को बेहतरीन सुविधाएं देने वाली यह इमारत जल्द से जल्द पूरी हो, यही हमारी कोशिश है।"