लोहारी सावंगा में किसान के घर देर रात खाना, बावनकुले ने मेज़बान का मान रखा
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सूखे के बीच मुख्यमंत्री के निर्देश पर नागपुर जिले के गांव में रुके राजस्व मंत्री बावनकुले ने खाना देर से बनने पर भी उसी किसान के घर खाया।
सूखे के हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र के हर मंत्री से कहा था कि वे किसी किसान के घर रुकें और खाना भी वहीं खाएं। इसी निर्देश के बाद दिवाली के मौके पर फडणवीस नागपुर जिले के लोहारी सावंगा गांव पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने रात रामभाऊ बालपांडे के घर में बिताई और खाना भी वहीं खाया। उसी गांव में राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले नंदुजी लोहे नाम के किसान के घर ठहरे। बावनकुले नागपुर के पालक मंत्री भी हैं और मुख्यमंत्री के साथ ही गांव में मौजूद थे।
लोहे के घर में कुछ कारणों से खाना बनने में देर हो गई। उधर मुख्यमंत्री का खाना हो चुका था और किसानों से संवाद का वक्त आ गया था, लेकिन तब तक बावनकुले ने खाना नहीं खाया था।
इसी बीच कुछ कार्यकर्ताओं ने उन्हें सलाह दी कि वे किसी दूसरे घर में जाकर खाना खा लें। बावनकुले ने इससे साफ मना कर दिया। उनका रुख यह था कि कितनी भी देर हो जाए, जिस किसान ने उन्हें रहने की जगह दी है, खाना भी उसी के घर खाएंगे। वे नहीं चाहते थे कि उस किसान के स्वाभिमान को ठेस पहुंचे।
फिर किसान संवाद का कार्यक्रम शुरू हुआ और बावनकुले बिना खाए ही उसमें शामिल हुए। कार्यक्रम खत्म होने पर उन्होंने सभी किसानों के शिकायती अर्ज लिए और उनके बारे में अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। इसके बाद वे दोबारा नंदुजी लोहे के घर पहुंचे। तब तक सवा ग्यारह बज चुके थे।
आखिरकार साढ़े ग्यारह बजे बावनकुले ने लोहे परिवार के साथ बैठकर खाना खाया और इस तरह सादगी से दिवाली मनाई।
बावनकुले ने कहा कि जिस किसान ने प्यार से अपने घर में ठहरने की इजाज़त दी और मान दिया, उसके घर खाने में घंटे दो घंटे की देर हो भी जाए, तो भी उस किसान की भावना ही ज्यादा अहम है।
इससे पहले, गांव में रुके बावनकुले ने रात देर तक ठंड के बीच अलाव का मज़ा लिया और वहां मौजूद स्थानीय किसानों से बातचीत की।
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