कोतोली फाटा पर रोती महिला की मदद कर रहे रमेश थोरात की टेम्पो की टक्कर से मौत
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
कोल्हापुर-रत्नागिरी हाईवे पर कोतोली फाटा के पास एक रोती महिला की मदद कर रहे 41 साल के रमेश थोरात को तेज रफ्तार टेम्पो ने टक्कर मार दी। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। चालक को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
कोल्हापुर-रत्नागिरी हाईवे पर कोतोली फाटा के पास शनिवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ। सड़क किनारे खड़ी होकर फूट-फूटकर रो रही एक महिला को हौसला देने और उसकी मदद करने पहुंचे एक युवक को तेज रफ्तार टेम्पो ने टक्कर मार दी। मृतक का नाम रमेश भीमराव थोरात है। उनकी उम्र 41 साल थी और वे पन्हाला तालुका के आसुर्ले के रहने वाले थे।
घटना की शुरुआत नेर्ली-तामगाव के एक परिवार से हुई। यह परिवार शनिवार तड़के करीब साढ़े पांच बजे चारपहिया गाड़ी से गणपतिपुले जा रहा था। कोतोली फाटा के पास पहुंचते ही गाड़ी में बैठे एक बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिवार ने गाड़ी सड़क किनारे रोकी और बच्चे को इलाज के लिए कर्ले के एक दवाखाने में ले गया।
उसी वक्त रमेश थोरात रोज की तरह सुबह की सैर पर निकले हुए थे और वहां पहुंचे। उन्होंने देखा कि गाड़ी में एक महिला रो रही है। उन्होंने फौरन उससे पूछताछ की। हादसे से बचाने के लिए उन्होंने उस चारपहिया गाड़ी को सड़क के किनारे लगवाने में भी मदद की।
लेकिन जैसे ही थोरात गाड़ी से नीचे उतर रहे थे, कोल्हापुर की तरफ से पन्हाला की ओर तेज रफ्तार से जा रहे एक टेम्पो ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि थोरात करीब 50 फुट दूर उछलकर सड़क पर गिरे और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
रमेश थोरात के परिवार में पत्नी, मां, बहन और तीन बच्चे हैं। वे घर के अकेले कमाने वाले पुरुष थे। उनके जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
टक्कर के बाद टेम्पो चालक निखिल बंडू तराल मौके से भाग निकला। वह वडगांव गांव का रहने वाला है। लेकिन वाघबील घाट में नलवडे बंगले के पास उसका टेम्पो बेकाबू होकर पलट गया। खबर मिलते ही हाईवे पुलिस तुरंत वहां पहुंची और भाग रहे चालक को हिरासत में ले लिया।
इस मामले में करवीर पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है। दूसरों की मदद के लिए आगे आए एक बेकसूर आदमी की मौत से आसुर्ले इलाके में गहरा शोक है।


कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।