सोम‌वार, 26 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
AQI 270 | Poor 20:54 IST

500 करोड़ की कथित ऑडियो क्लिप की जांच के लिए SIT बनी, शैलेश बलकवडे करेंगे अगुवाई

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश के बाद मुंबई पुलिस ने मनोज जरांगे पाटील की सामने लाई क्लिप की जांच के लिए विशेष जांच दल बनाया है।

500 करोड़ की कथित ऑडियो क्लिप की जांच के लिए SIT बनी, शैलेश बलकवडे करेंगे अगुवाई तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों 500 करोड़ की कथित ऑडियो क्लिप को लेकर जोरदार चर्चा चल रही है। मराठा आरक्षण आंदोलन के कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटील ने यह क्लिप सामने लाई थी। इसमें किए गए दावों से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है।

अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश के बाद मुंबई पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल यानी SIT बना दी है। इस दल की अगुवाई अपर पुलिस आयुक्त शैलेश बलकवडे करेंगे। दल में पुलिस उपायुक्त विजयकांत सागर और पुलिस उपायुक्त बजरंग बनसोडे भी शामिल हैं।

जांच में तीन बातें देखी जाएंगी। पहली, कथित ऑडियो क्लिप कितनी सही है। दूसरी, उसमें जो आवाजें हैं, वे किसकी हैं। तीसरी, क्लिप में जिन आर्थिक लेन-देन का जिक्र है, उनकी सच्चाई क्या है। क्लिप में कहा गया है कि सांसद श्रीकांत शिंदे के जरिए जरांगे को 500 करोड़ रुपये दिए गए।

SIT बनने के बाद मनोज जरांगे ने जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। उनकी मांग है कि सिर्फ जांच दल बना देना काफी नहीं है। मामले की जड़ तक जाकर सच बाहर लाया जाना चाहिए। जरांगे ने शिंदे और फडणवीस के बीच कथित राजनीतिक तनाव का भी जिक्र किया और पूछा कि इस पूरे मामले के पीछे किसका मकसद था।

जरांगे का दावा है कि यह ऑडियो क्लिप AI की मदद से नहीं बनी है, बल्कि असली है। हालांकि क्लिप की सच्चाई अब तक आधिकारिक तौर पर साबित नहीं हुई है। इसी वजह से इस मामले में फॉरेंसिक जांच की खास अहमियत रहेगी।

दूसरी तरफ शिवसेना ठाकरे गुट के सांसद संजय राऊत ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय यानी ED से कराई जाए। राजनीतिक नेताओं की तरफ से यह आशंका भी जताई गई है कि ऑडियो क्लिप नकली या AI से बनी हो सकती है।

अब पूरे महाराष्ट्र की नजर इस पर है कि SIT की जांच से क्लिप की आवाजों, कथित लेन-देन और पूरे मामले के पीछे का सच सामने आ पाता है या नहीं।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे