खराशी में महाप्रसाद के बाद उलटी-दस्त, 100 से ज्यादा मरीजों का इलाज जारी
भंडारा जिले के खराशी गांव में गायत्री माता मंदिर के महाप्रसाद के बाद कई लोगों को उलटी और दस्त की शिकायत हुई। स्वास्थ्य विभाग ने गांव में शिबिर लगाकर इलाज शुरू किया है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
भंडारा जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुरमाडी के तहत आने वाले उपकेंद्र खराशी में महाप्रसाद के बाद कुछ लोगों को उलटी और दस्त की शिकायत शुरू हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने फौरन कदम उठाए हैं। गांव में खास स्वास्थ्य शिविर लगाकर प्रभावित मरीजों का इलाज किया जा रहा है और स्वास्थ्य अमला हालात पर नजर रखे हुए है।
20 अक्टूबर को खराशी के गायत्री माता मंदिर में गांववालों के लिए महाप्रसाद रखा गया था। शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक करीब 700 से 800 लोगों के खाने का इंतजाम था। इसके बाद सुबह के वक्त कुछ लोगों को उलटी और दस्त होने लगे, तो वे इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे।
मुरमाडी स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी, आसपास के स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य सेवक, स्वास्थ्य सेविका और आशा स्वयंसेविकाएं तुरंत खराशी गांव पहुंचे। वहां शिविर शुरू कर मरीजों की जांच और इलाज किया गया। 21 अक्टूबर को दोपहर 1 बजे तक करीब 120 मरीजों का इलाज हुआ। इनमें से 21 मरीजों को ग्राम पंचायत दफ्तर के स्वास्थ्य शिविर में भर्ती करके जरूरी इलाज दिया गया। 9 मरीजों को ग्रामीण अस्पताल पालांदूर रेफर किया गया, और बाकी मरीजों को दवा देकर घर भेज दिया गया।
इसी बीच करीब 50 मरीज ग्रामीण अस्पताल पालांदूर में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है। इनमें तीन गर्भवती महिलाएं भी हैं, जिन्हें आगे के इलाज के लिए जिला सामान्य अस्पताल, भंडारा रेफर किया गया है।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नितिन कापसे और जिला शल्य चिकित्सक डॉ. संदीपकुमार गजभिये ने खराशी गांव और ग्रामीण अस्पताल पालांदूर जाकर हालात देखे। उन्होंने मरीजों को दिए जा रहे इलाज की जानकारी ली और संबंधित चिकित्सा अधिकारियों और कर्मचारियों को जरूरी हिदायतें दीं। उन्होंने कहा कि मरीजों को वक्त पर और सही इलाज मिले और हालात पर लगातार नजर रखी जाए। जिला महामारी रोग अधिकारी डॉ. श्रीकांत अंबेकर और जिला विस्तार और मीडिया अधिकारी अनिल बनकर गांव में हालात पर नजर रखे हुए हैं।
वजह का पता लगाने के लिए 7 खाने के नमूने, 3 पानी के नमूने और 5 मरीजों के शौच के नमूने जमा किए गए हैं। इन्हें जांच के लिए भेजने की कार्रवाई चल रही है। साथ ही स्वास्थ्य कर्मचारी और आशा स्वयंसेविकाएं गांव में घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं। उलटी-दस्त के लक्षण वाले लोगों की पहचान करने, उनकी जांच करने और जरूरत पड़ने पर उन्हें स्वास्थ्य संस्था में रेफर करने पर जोर दिया जा रहा है।
सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग, भंडारा के जरिए इलाज, मरीजों को रेफर करना, सर्वे और नमूनों की जांच जैसे कई उपाय चलाए जा रहे हैं। चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य कर्मचारी और आशा स्वयंसेविकाएं तालमेल से काम कर रहे हैं। हालात काबू में लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग जरूरी सावधानी बरत रहा है। इस काम में ग्राम पंचायत खराशी के सरपंच और सभी पदाधिकारियों का अहम सहयोग मिल रहा है।
इस दौरान साकोली विधानसभा क्षेत्र के विधायक नानाभाऊ पटोले और भंडारा-गोंदिया विधान परिषद के पूर्व विधायक अविनाश ब्राह्मणकर ने खराशी और ग्रामीण अस्पताल पालांदूर जाकर हालात का जायजा लिया।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।