सोम‌वार, 2 नवंबर 2026

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केवडिया में महाराष्ट्र के पर्यटन मंडप पहुंचे पीएम मोदी, पैठणी बुनाई की जानकारी ली

केवडिया में महाराष्ट्र के पर्यटन मंडप पहुंचे पीएम मोदी, पैठणी बुनाई की जानकारी ली तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
कल्चर PT24 टीम

राष्ट्रीय एकता दिवस और भारत पर्व 2026 के तहत केवडिया (एकतानगर) में लगे महाराष्ट्र पर्यटन के स्टॉल में प्रधानमंत्री ने पैठणी साड़ियां देखीं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के केवडिया (एकतानगर) में महाराष्ट्र पर्यटन विभाग के विशेष पवेलियन का दौरा किया। यह पवेलियन राष्ट्रीय एकता दिन और भारत पर्व 2026 के मौके पर हो रहे आयोजन में लगाया गया है। पवेलियन पर्यटन मंत्री शंभूराज देसाई के नेतृत्व में तैयार किया गया है।

दौरे के दौरान मोदी ने महाराष्ट्र की पारंपरिक हथकरघे पर बनी पैठणी साड़ियां देखीं। उन्होंने पैठणी बुनाई की कारीगरी, पारंपरिक तकनीक और उसकी बारीकियों के बारे में पूछा, साथ ही महाराष्ट्र की समृद्ध वस्त्र परंपरा की जानकारी भी ली। इससे उन्हें राज्य की पारंपरिक कला, हस्तकला, सांस्कृतिक विरासत और कारीगरों के हुनर की झलक मिली। पर्यटन निदेशालय के उपनिदेशक विजय जाधव और उनकी टीम ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया।

यह आयोजन गुजरात के केवडिया (एकतानगर) में 1 से 15 नवंबर 2026 तक चलेगा, जिसमें महाराष्ट्र पर्यटन विभाग हिस्सा ले रहा है। मंत्री शंभूराज देसाई के मार्गदर्शन में बने इस पवेलियन के जरिए देशभर से आने वाले पर्यटकों को महाराष्ट्र के अलग-अलग पर्यटन स्थल, सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक कला, खानपान और हस्तकला दिखाई जा रही है।

विभाग की ओर से छत्रपती संभाजीनगर के विभागीय उपनिदेशक विजय जाधव वहां मौजूद हैं। पवेलियन में महाराष्ट्र के प्रमुख पर्यटन स्थलों की जानकारी देने वाली पुस्तिकाएं और पर्यटन से जुड़ी सामग्री रखी गई है। पैठणी बुनाई का सीधा प्रदर्शन, महाराष्ट्रीय खानपान के स्टॉल और हस्तकला की तरह-तरह की चीजें पवेलियन के मुख्य आकर्षण हैं। इंस्टिट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (आईएचएम), दादर के किचन स्टूडियो के जरिए महाराष्ट्र के खास खानपान की प्रस्तुति भी हो रही है। राज्य की लोककला और सांस्कृतिक परंपराओं को दिखाने के लिए अलग-अलग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी रखे गए हैं।

पवेलियन में महाराष्ट्र के गढ़-किले, समुद्र तट, धार्मिक स्थल, प्राकृतिक सुंदरता वाले पर्यटन स्थल, साहसिक पर्यटन, ग्रामीण पर्यटन और सांस्कृतिक परंपराओं की जानकारी दी जा रही है। पैठणी जैसी पारंपरिक वस्त्रकला, स्थानीय खानपान, हस्तकला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से राज्य की सांस्कृतिक पहचान कराने पर खास जोर है। बताया गया है कि इससे महाराष्ट्र के पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी और राज्य के पर्यटन कारोबार, स्थानीय कलाकारों, कारीगरों और खानपान संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।

पर्यटन विभाग के सचिव संजय यादव ने कहा, "राष्ट्रीय एकता दिन के मौके पर देश के अलग-अलग राज्यों की सांस्कृतिक खूबियों से परिचय कराना, आपसी संवाद बढ़ाना और विविधता में एकता की भावना को और मजबूत करना इस आयोजन का मुख्य मकसद है। पर्यटन मंत्री शंभूराज देसाई के नेतृत्व में महाराष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान, ऐतिहासिक विरासत, खास खानपान परंपरा और पर्यटन क्षेत्र के अलग-अलग मौकों को देशभर के पर्यटकों के सामने असरदार ढंग से रखने की कोशिश की जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र पर्यटन के पवेलियन में आकर राज्य की समृद्ध कला, संस्कृति और पारंपरिक पैठणी बुनाई की जानकारी ली, इसके लिए हम उनका दिल से आभार जताते हैं। उनकी यह भेंट महाराष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन की विविधता को राष्ट्रीय स्तर पर और व्यापक पहचान दिलाएगी।"

पर्यटन निदेशालय के निदेशक विकास पानसरे ने कहा, "महाराष्ट्र को वैश्विक पर्यटन नक्शे पर एक अहम पर्यटन स्थल के रूप में पहचान दिलाने के लिए राज्य की पर्यटन विविधता को देश और विदेश में असरदार ढंग से पेश करना जरूरी है। पर्यटन मंत्री शंभूराज देसाई के नेतृत्व में महाराष्ट्र पर्यटन विभाग कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर राज्य का पर्यटन वैभव असरदार ढंग से रखने की कोशिश में लगा है। गुजरात के केवडिया (एकतानगर) में हो रहे इस आयोजन से महाराष्ट्र की ऐतिहासिक विरासत, प्राकृतिक सुंदरता, पारंपरिक कला, खानपान संस्कृति और सांस्कृतिक परंपराओं को व्यापक स्तर पर पहुंचाने का मौका मिल रहा है।

महाराष्ट्र पर्यटन के पवेलियन में आने और राज्य की सांस्कृतिक विरासत पर ध्यान देने के लिए हम प्रधानमंत्री का दिल से आभार मानते हैं। उनकी इस भेंट से महाराष्ट्र के पर्यटन वैभव को राष्ट्रीय स्तर पर और व्यापक पहचान मिलने के साथ ही राज्य के पर्यटन स्थलों की ओर देशभर के पर्यटकों का ध्यान जाएगा और पर्यटन क्षेत्र के विकास को रफ्तार मिलेगी।"

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