श्रद्धा कपूर की 'ईठा' का ट्रेलर रिलीज, लावणी की दुनिया में दिखा संघर्ष, 4 दिसंबर को फिल्म
मैडॉक फिल्म्स और कठपुतली क्रिएशन्स की 'ईठा' 4 दिसंबर 2026 को सिनेमाघरों में आएगी। ट्रेलर में लावणी और विठाबाई का संघर्ष दिखता है।
श्रद्धा कपूर की नई फिल्म 'ईठा' (Eetha) का ट्रेलर अब सबके सामने है। मैडॉक फिल्म्स और कठपुतली क्रिएशन्स की यह फिल्म 4 दिसंबर 2026 को थिएटरों में लगेगी। फिल्म सच्ची घटनाओं से प्रेरित म्यूजिकल ड्रामा है और इसे मशहूर लावणीसम्राज्ञी विठाबाई नारायणगावकर की जिंदगी से जोड़कर बनाया गया है। ट्रेलर में श्रद्धा तमाशा कलावंत के रोल में हैं और परदे पर उनके किरदार का नाम ईठा दिखता है।
रिलीज से पहले ही फिल्म की चर्चा थी। कुछ दिन पहले रणदीप हुड्डा का 'मर्चंट' वाला लुक आया था और अब ट्रेलर ने दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ा दी है।
ट्रेलर एक खुले मैदान से शुरू होता है, जहां लोगों की भारी भीड़ जमा है। मंच पर ईठा लावणी करती नजर आती है। नाच के अलग-अलग रंग, भीड़ का जोश और बदलते लुक शुरू से ही एक अलग ताकत पैदा कर देते हैं। आगे चलकर ईठा की लड़ाई और उसकी जिंदगी के जज्बाती मोड़ दिखते हैं। एक सीन में वह कहती है, "तूने ही कहा था ना कि देखते हैं क्या टूटता है? मेरा विश्वास या मेरा अहंकार?" इसके बाद वह अपने ही पोस्टर पर पत्थर फेंकती है। इसी सीन में सिद्धार्थ जाधव की भी झलक मिलती है।
एक और सीन में मंच के सामने फिर बड़ी भीड़ है और घुंगरू बंधे पैरों से खून बहता दिखता है। इससे समझ आता है कि इस किरदार की लड़ाई कितनी कड़ी है। यहीं श्रद्धा का एक डायलॉग है: "मेरा विश्वास ही मेरा अहंकार था. जब वह टूटा तब सब कुछ टूट गया." एक और संवाद भी चर्चा में है: "नाचते नाचते मर गई तो एक आदर्श बन जाऊँगी"। इससे विठाबाई की जिद और अपनी कला के लिए उनकी लगन झलकती है।
कहानी एक ऐसी औरत की है, जो अपनी कला को सही पहचान दिलाने और समाज में इज्जत पाने के लिए कई मुश्किलों से टकराती है। ट्रेलर में महाराष्ट्र की पारंपरिक लावणी, रंग-बिरंगे रंगमंच और भावुक सीन खूब दिखते हैं। फिल्म के पुराने जमाने जैसे सेट दर्शकों को उस दौर में ले जाते हैं, जब कलाकार को अपना हुनर साबित करने के साथ-साथ समाज की रोक-टोक से भी लड़ना पड़ता था। यहां रंगमंच सिर्फ हुनर दिखाने की जगह नहीं, अपनी पहचान गढ़ने का रास्ता है।
'स्त्री 2' के बाद श्रद्धा का यह रूप उनके चाहने वालों के लिए बिल्कुल नया है। वे नौवारी साड़ी, भारी गहनों और पूरे भरोसे वाले अंदाज में दिखती हैं। ट्रेलर का एक डायलॉग नौवारी साड़ी से जुड़ा है। श्रद्धा कहती हैं, "यह सिर्फ कपड़ा नहीं, अभिमान है।" विठाबाई के लिए यह पहनावा उनकी संस्कृति, पहचान और स्वाभिमान की निशानी है, और फिल्म में कपड़ों का इस्तेमाल सिर्फ सजावट के लिए नहीं, किरदार की सोच उभारने के लिए भी हुआ है।
संगीत अजय-अतुल का है और नृत्य निर्देशन वैभवी मर्चंट ने संभाला है। श्रद्धा के डांस मूव्स के साथ रणदीप हुड्डा का नया अंदाज भी ट्रेलर का बड़ा आकर्षण है। रणदीप फिल्म में 'मर्चंट' बने हैं। बाकी कलाकारों में मोहम्मद झीशान अय्यूब, अनंत जोशी, सिद्धार्थ जाधव, शुभंकर एकबोटे और राधा सागर समेत कई मराठी कलाकार अहम रोल में हैं।
फिल्म का निर्देशन लक्ष्मण उतेकर ने किया है। निर्माता दिनेश विजन, लक्ष्मण उतेकर और करिश्मा शर्मा हैं। कहानी में विठाबाई की जिंदगी के अहम लोग, उनकी लड़ाई और कला की दुनिया का उनका सफर दिखाया जाएगा। अब सबकी नजर इस पर है कि बड़े परदे पर श्रद्धा कपूर विठाबाई नारायणगावकर को किस तरह निभाती हैं।
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