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23:24 IST

केन्या के शाकाहोला जंगल मामले में पॉल मैकेंज़ी और करीब 30 साथी हत्या में दोषी करार

केन्या की अदालत ने शाकाहोला जंगल के सामूहिक मौत मामले में स्वयंघोषित धर्मगुरु पॉल मैकेंज़ी और उसके करीब 30 साथियों को हत्या का दोषी ठहराया है। सज़ा पर सुनवाई 6 नवंबर को होगी।

केन्या के शाकाहोला जंगल मामले में पॉल मैकेंज़ी और करीब 30 साथी हत्या में दोषी करार तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

केन्या के शाकाहोला जंगल में हुई सामूहिक मौतों के मामले में अदालत ने आख़िरकार अपना अहम फ़ैसला सुना दिया है। स्वयंघोषित धर्मगुरु पॉल मैकेंज़ी और उसके करीब 30 दूसरे साथियों को हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया है। इन सब पर आरोप था कि उन्होंने धार्मिक शिक्षा के नाम पर अनुयायियों को भूखा रहने पर मजबूर किया।

इस मामले में 190 बच्चों और एक वयस्क की मौत शामिल थी। हाल के दिनों में किसी पंथ से जुड़ी सबसे भयावह घटनाओं में इसे गिना जा रहा है।

पॉल मैकेंज़ी केन्या में गुड न्यूज़ इंटरनेशनल चर्च का प्रमुख था। आरोप था कि उसने अपने अनुयायियों से कहा कि दुनिया का अंत क़रीब है। यह भी आरोप था कि वह उन्हें बताता था कि स्वर्ग जाना है तो खाना-पानी छोड़ना ज़रूरी है।

उसकी शिक्षा के असर में आकर कई परिवारों ने अपने बच्चों को भी भूखा रखा। जांच में सामने आया कि बच्चों को स्कूल भेजना और बीमार पड़ने पर अस्पताल ले जाना ग़लत बताया जा रहा था। इस शिक्षा की वजह से कई मासूम बच्चों की जान चली गई।

पूरी घटना का पर्दाफ़ाश 2023 में हुआ। केन्या के तटीय इलाक़े के किलिफ़ी काउंटी में पड़ने वाले शाकाहोला जंगल में सामूहिक क़ब्रें होने की ख़बर पुलिस को मिली। इसके बाद जांच शुरू हुई और बड़ी तादाद में शव बाहर निकाले गए।

अब तक इस इलाक़े से 400 से ज़्यादा शव मिल चुके हैं। कई शवों की हालत बहुत ख़राब थी, इसलिए उनकी पहचान करना भी मुश्किल रहा। इस घटना पर पूरे केन्या में और विदेशों में भी भारी नाराज़गी जताई गई थी।

मैकेंज़ी और उसके साथियों पर हत्या के गंभीर आरोप लगाए गए थे। आरोपियों ने ये आरोप नकार दिए थे। लेकिन अदालत ने पेश किए गए सबूत और गवाहों के बयान देखने के बाद मैकेंज़ी समेत करीब 30 लोगों को हत्या के मामले में दोषी ठहराया।

जजों ने बच्चों को खाने से दूर रखे जाने की घटनाओं का भी ज़िक्र किया। इस फ़ैसले को पीड़ित परिवारों को इंसाफ़ मिलने की दिशा में एक अहम क़दम माना जा रहा है। अब सबकी नज़र इस पर है कि दोषियों को कितनी सज़ा मिलती है। अदालत ने सज़ा पर सुनवाई के लिए 6 नवंबर की तारीख़ तय की है।

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