बुधवार, 4 नवंबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट

कपिलनगर में कबाड़ क्रेन पर दूसरे वाहनों के नंबर, क्राइम ब्रांच ने दो आरोपी गिरफ्तार किए

कपिलनगर में कबाड़ क्रेन पर दूसरे वाहनों के नंबर, क्राइम ब्रांच ने दो आरोपी गिरफ्तार किए तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
जुर्म PT24 टीम

नागपुर क्राइम ब्रांच यूनिट-2 ने कपिलनगर थाना क्षेत्र में तीन हाइड्रो क्रेन जब्त कीं, जिनकी कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई गई है।

उपराजधानी नागपुर में कबाड़ घोषित हो चुके वाहनों को नए जैसा दिखाकर सड़कों पर चलाने का मामला सामने आया है। नागपुर क्राइम ब्रांच यूनिट-2 ने कपिलनगर थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन पर कथित तौर पर फर्जी नंबर प्लेट और दूसरे वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर इस्तेमाल करने का आरोप है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन हाइड्रो क्रेन वाहन जब्त किए हैं। इन तीनों की कुल कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई जा रही है। इस मामले के बाद वाहन रजिस्ट्रेशन और परिवहन नियमों के उल्लंघन को लेकर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं।

पुलिस के मुताबिक आरोपी दूसरे राज्य से स्क्रैप किए गए JCB और हाइड्रो क्रेन वाहनों का इस्तेमाल कर रहे थे। आरोप है कि उन्होंने एक वाहन का वैध रजिस्ट्रेशन नंबर दूसरे वाहन पर दिखाकर उसे सड़कों पर चलाया। यानी जिन वाहनों को कबाड़ घोषित किया जा चुका था, उन्हें दूसरे वाहन की पहचान के सहारे चलाने का आरोप है।

बताया गया है कि वाहन स्क्रैप और असुरक्षित हैं, यह जानकारी होने के बावजूद उन्हें बेखौफ सड़कों पर दौड़ाया जा रहा था। इसके अलावा वाहन के मालिकाना हक के ट्रांसफर से जुड़े नियमों का भी कथित तौर पर उल्लंघन किया जा रहा था।

क्राइम ब्रांच यूनिट-2 को इस पूरे मामले की गुप्त सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर टीम ने कपिलनगर थाना क्षेत्र में दबिश दी। इस दौरान पुलिस ने तीन हाइड्रो क्रेन वाहन जब्त किए, जिनकी कुल कीमत करीब 20 लाख रुपये आंकी गई है।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम फिरोज आलम और अजगर हुसैन हैं। दोनों यशोधरा नगर के रहने वाले हैं।

कपिलनगर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और मोटर वाहन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस अब जब्त किए गए वाहनों के दस्तावेज और रजिस्ट्रेशन नंबरों की जांच कर रही है।

पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कबाड़ घोषित वाहन फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर के सहारे कितने समय से सड़कों पर चल रहे थे। साथ ही इस पूरे मामले में दूसरे वाहन मालिकों, डीलरों या अन्य लोगों की संलिप्तता है या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।

#नागपुर#जुर्म#PT24#Crime#Nagpur

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप 'आप' पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे