कन्नड़ में खेत की झोपड़ी में सोए किसान पर तेंदुए का हमला, गोदड़ी ने बचाई गर्दन
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कन्नड़ तालुका के भांबरवाड़ी में 65 साल के किसान गणपत जाधव पर आधी रात को तेंदुए ने हमला किया। गोदड़ी और लाठी ने उनकी जान बचाई।
कन्नड़ तालुका के भांबरवाड़ी के उपला के खेत इलाके में बुधवार की आधी रात करीब दो बजे एक किसान पर तेंदुए ने हमला कर दिया। 65 साल के गणपत जाधव ने हिम्मत दिखाकर तेंदुए को भगा दिया। लेकिन उनकी जान बचाने में गुदड़ी ने भी अहम भूमिका निभाई।
जाधव का खेत कन्नड़-चालीसगाँव हाईवे के पास है और वहीं उनकी झोपड़ी भी है। परिवार के बाकी लोग गन्ना कटाई के लिए बाहर गए हुए हैं, इसलिए जाधव घर पर अकेले थे। बुधवार रात खाना खाकर वे घर के सामने रखी खाट पर सो गए थे। ठंड थी, तो उन्होंने पूरे शरीर पर गुदड़ी ओढ़ रखी थी, पर उनका दायां हाथ गुदड़ी से बाहर था।
आधी रात को दो बजे के आसपास तेंदुए ने अचानक उन पर हमला किया। गुदड़ी के बाहर निकले दाएं हाथ की कलाई पर उसने जोर से काट लिया।
हमला होते ही जाधव की नींद खुल गई। मानद वन्यजीव रक्षक राजेश ठोंबरे ने बताया कि जाधव ने पूरे शरीर पर गुदड़ी लपेट रखी थी, इसलिए तेंदुआ उनकी बेहद नाजुक गर्दन को नहीं पकड़ पाया। इस तरह गुदड़ी उनके लिए सचमुच सुरक्षा कवच साबित हुई।
हमले के बाद भी जाधव ने हार नहीं मानी। उन्होंने होश बनाए रखा, पास पड़ी लाठी सीधे तेंदुए के मुंह में डाल दी और जान की परवाह किए बिना जोर से चिल्लाने लगे। उनका यह रौद्र रूप और मुंह में घुसी लाठी देखकर तेंदुआ घबरा गया और वहां से भाग गया। उनकी आवाज सुनकर गाँव वाले जाग गए और उन्हें फौरन कन्नड़ ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया।
इस हमले में जाधव के दाएं हाथ की कलाई में तेंदुए के दो दांत धंस गए, जिससे गंभीर चोट आई है। कंधे के नीचे बांह पर तेंदुए के तेज पंजे से भी गहरे जख्म हुए हैं। उन्हें एंटी-रेबीज और एंटीबायोटिक इंजेक्शन दिए गए हैं। कन्नड़ ग्रामीण अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिरुद्ध गायकवाड़ ने बताया कि उन्हें अगले एक महीने तक डॉक्टरी निगरानी में रखा जाएगा।
इस घटना के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने वन विभाग के कामकाज पर कड़ी नाराजगी जताई है। जिला परिषद सदस्य डॉ. तृप्ति राजपूत, डॉ. दिलीपसिंग राजपूत, डॉ. संजय गव्हाणे और राहुल राठोड ने वन विभाग के ढीले कामकाज पर गुस्सा जाहिर किया और संबंधित अधिकारियों की जांच की मांग की है।
इस बीच, सवाल पूछे जाने पर सहायक वनसंरक्षक विशाल कवडे ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं है और वे वैजापुर में हैं। वनपाल प्रवीण पारधी ने बताया कि वे छत्रपति संभाजीनगर में थे। उनके मुताबिक वे जल्द ही मौका रिपोर्ट बनाने के लिए मौके पर जाएंगे, जहां वनरक्षक यशदा सालवे मौजूद हैं।
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