जिले में बाल मजदूरी के खिलाफ छापेमारी चलाएं, कलेक्टर पंत के निर्देश
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चंद्रपुर में बाल संरक्षण की तिमाही समीक्षा बैठक में कलेक्टर वसुमना पंत ने हर गांव और वॉर्ड में बाल संरक्षण समितियां बनाने को कहा।
चंद्रपुर जिले में बच्चों के हक और हिफाजत पक्की करने के लिए बाल मजदूरी के खिलाफ छापेमारी की मुहिम असरदार तरीके से चलाई जाए। बच्चों पर अत्याचार, बाल विवाह, बाल मजदूरी और शोषण रोकने के लिए जिले के हर गांव और शहरी इलाके के हर वॉर्ड में बाल संरक्षण समितियां बनाकर उनकी रिपोर्ट पेश की जाए, ऐसे निर्देश कलेक्टर वसुमना पंत ने दिए।
कलेक्टर ऑफिस में जिला बाल संरक्षण कक्ष, जिला और रेलवे चाइल्ड हेल्पलाइन, बाल कल्याण समिति और बाल न्याय मंडल के कामकाज की तिमाही समीक्षा बैठक पंत की अध्यक्षता में हुई। उन्होंने बाल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं और अटके मामलों का पूरा ब्यौरा लिया।
पंत ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा, परवरिश और पुनर्वास को सबसे ऊपर रखना जरूरी है। जिले के अनाथ बच्चों को अनाथ प्रमाणपत्र देने के अटके मामले तुरंत निपटाए जाएं। बालगृहों में रह रहे बच्चों के पुनर्वास की प्रक्रिया तेज करके पात्र बच्चों का नियम के मुताबिक जल्द से जल्द पुनर्वास किया जाए। इसके लिए जिला बाल संरक्षण कक्ष संबंधित विभागों से तालमेल बैठाकर कार्रवाई करे।
जिले में जहां बाल मजदूर मिलने की गुंजाइश है, उन जगहों की जांच की जाए। बाल मजदूरी रोकने के लिए संबंधित विभाग आपस में तालमेल से काम करें। मुसीबत में फंसे और देखभाल व सुरक्षा की जरूरत वाले बच्चों को फौरन मदद मिले, इसके लिए चाइल्ड हेल्पलाइन के नंबर 1098 की जानकारी हर गांव और वॉर्ड तक पहुंचाई जाए। बाल कल्याण समिति और बाल न्याय मंडल के पास अटके मामले भी नियम के मुताबिक तुरंत निपटाने की सूचना दी गई।
बैठक में जिला महिला व बाल विकास अधिकारी प्रकाश भांदककर ने जिला बाल संरक्षण कक्ष, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, बाल कल्याण समिति और बाल न्याय मंडल के कामकाज की समीक्षा पेश की। बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष ॲड. क्षमा बासरकर, शिक्षा अधिकारी अश्विनी केलकर, प्रोबेशन अधिकारी अतिश चव्हाण और सायली पाटील, जिला बाल संरक्षण अधिकारी अजय साखरकर, मनोविकृति विशेषज्ञ संदीप भटकर और चाइल्ड हेल्पलाइन के जिला समन्वयक अभिषेक मोहूर्ले के साथ जिला विधि सेवा प्राधिकरण और सहायक कामगार आयुक्त कार्यालय के प्रतिनिधि, बाल कल्याण समिति और बाल न्याय मंडल के सदस्य, विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।
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