जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने वालों की गिरफ्तारी पर राहुल गांधी का मोदी सरकार पर वार
राहुल गांधी ने कहा कि जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराना जुर्म नहीं है, कॉकरोच जनता पार्टी के दो नेता पांच दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ भेजे गए।
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लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बीजेपी और मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराना कोई जुर्म नहीं है और इसके लिए नौजवानों को जेल में डालना बुजदिली है।
यह बयान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरभ दास और आशुतोष रांका को बुधवार को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद आया है। दोनों पर जंतर-मंतर मैदान में तिरंगा फहराकर नारेबाजी करने का मामला है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करके कहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान तिरंगा फहराना जुर्म नहीं है, और इसके लिए नौजवानों को जेल में डालना बुजदिली है। उन्होंने लिखा कि स्टूडेंट, नौजवान, पत्रकार और 'इंडिया' गठबंधन, झंडे अलग-अलग हैं पर मकसद एक ही है। सारे आंदोलनों का सुर एक है कि देशवासी अपने संवैधानिक हक मांग रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जंतर-मंतर भारत की जनता का है और हम उसे फिर से हासिल करके रहेंगे।
राहुल के मुताबिक अलग-अलग नागरिक संगठनों, स्टूडेंट्स और इंडिया ब्लॉक के आंदोलन असल में एक ही मुहिम का हिस्सा हैं, चाहे उनके झंडे अलग हों।
पिछले 10-12 दिनों में देश के विपक्षी इंडिया गठबंधन और कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किए। इन प्रदर्शनों से केंद्र सरकार पर दबाव काफी बढ़ गया है। इसी बीच केंद्र सरकार ने दो दिन पहले जंतर-मंतर मैदान को आंदोलन की जगह के तौर पर रद्द करने का ऐलान किया था। इसके बावजूद CJP के नेताओं ने कहा कि वे जंतर-मंतर पर ही आंदोलन करेंगे और मंगलवार को छापामार रणनीति अपनाकर वहां घुसे, तिरंगा फहराया और नारेबाजी की।
बिना इजाजत जंतर-मंतर इलाके में घुसने के आरोप में आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे को मंगलवार को एहतियातन हिरासत में लिया गया। बुधवार सुबह उन्हें मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के सामने पेश किया गया।
सुनवाई के दौरान मजिस्ट्रेट ने आशुतोष रांका और सौरव दास को शांति समझौते का उल्लंघन करके जंतर-मंतर में घुसने का दोषी ठहराया और पांच दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया। अजिंक्य शिंदे को 5,000 रुपये के मुचलके पर छोड़ दिया गया। जंतर-मंतर अब आंदोलन की जगह के तौर पर नहीं जाना जाता।
अभिजीत दिपके ने कहा कि वे नरेंद्र मोदी से कहना चाहते हैं कि अगर देश में इमरजेंसी लगानी ही है तो उसका ऐलान आधिकारिक तौर पर करें। उनका कहना था कि सिर्फ जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने की वजह से CJP के नेताओं को बुजदिलों की तरह पांच दिन जेल में डाला जा रहा है। उनके मुताबिक ऐसा तो इमरजेंसी के दौर में भी नहीं हुआ था और पूछा कि तिरंगा फहराना कब से पाप माना जाने लगा। उन्होंने चुनौती दी कि दम हो तो इमरजेंसी का आधिकारिक ऐलान करें।
हिरासत में बंद CJP नेताओं को राहुल गांधी के खुलकर समर्थन देने से कांग्रेस के रुख में बदलाव की चर्चा शुरू हो गई है। आंदोलन के दौरान CJP से दूरी बनाए रखने के लिए कांग्रेस की आलोचना हो रही थी। इसलिए राहुल का यह समर्थन अहम माना जा रहा है।
मंगलवार सुबह CJP के नेताओं समेत 14 लोगों ने गेट और बैरिकेड्स लांघकर जंतर-मंतर इलाके में एंट्री की। फिर उन्होंने तिरंगा फहराते हुए नारेबाजी की। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और बाद में गिरफ्तार कर लिया।
खबरों के मुताबिक उन पर बिना इजाजत जंतर-मंतर इलाके में घुसने और जमानत की शर्तों के उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं। ये नेता 10 अक्टूबर को होने वाले आंदोलन की अगुवाई करने दिल्ली पहुंचे थे, तब उन्हें विमान से ही हिरासत में ले लिया गया था। इसके सिर्फ एक दिन पहले उन्होंने जमानत की शर्तें मानी थीं।