जलगांव जिला परिषद के अधिकारी 10 हजार की रिश्वत में पकड़े गए, तलाशी में 5 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति मिली
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
जलगांव जिला परिषद के निर्माण विभाग के उपविभागीय अधिकारी सतीश मन्सुलाल शिसोदे को एसीबी ने रिश्वत लेते पकड़ा। घर और बैंक लॉकर की तलाशी में 5 करोड़ 16 लाख 88 हजार 389 रुपये की संपत्ति मिली।
जलगांव से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बड़ा पद, अच्छी तनख्वाह और इज्जत की नौकरी होने के बावजूद कुछ लोगों की पैसों की भूख खत्म नहीं होती। इसी लालच में वे ऐसा कुछ कर बैठते हैं, जो आखिर में उन्हें बहुत भारी पड़ता है। जलगांव जिला परिषद के एक अधिकारी पर आरोप है कि उन्होंने सिर्फ 10 हजार रुपये की रिश्वत के लिए अपनी साख और सब कुछ दांव पर लगा दिया।
जिस अधिकारी को पकड़ा गया, उनका नाम सतीश मन्सुलाल शिसोदे है। वे जलगांव जिला परिषद के निर्माण विभाग में उपविभागीय अधिकारी हैं। आरोप के मुताबिक, एक सड़क के 10 लाख रुपये के काम का बिल पास कराने के लिए उन्होंने 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
भ्रष्टाचार विरोधी विभाग यानी एसीबी ने इस मामले में जाल बिछाया। इसी जाल में सतीश शिसोदे को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद एसीबी की टीम ने शिसोदे के घर और बैंक लॉकर की बारीकी से तलाशी ली। तलाशी में जो कुछ सामने आया, उसे देखकर अधिकारियों समेत सभी हैरान रह गए। एसीबी को इस तलाशी में कुल 5 करोड़ 16 लाख 88 हजार 389 रुपये की संपत्ति मिली। इसमें आदर्शनगर के दो आलीशान घर शामिल हैं। इसके अलावा 7 लाख 97 हजार रुपये की नकदी भी जब्त की गई।
बैंक लॉकर की तलाशी में भी बड़ी मात्रा में माल मिला। लॉकर से 3 करोड़ 74 लाख रुपये के सोने-चांदी के गहने बरामद हुए। इनमें 2 हजार 524 ग्राम सोना, 11 हजार 633 ग्राम चांदी और 101 ग्राम प्लैटिनम के गहने शामिल हैं।
इतनी बड़ी बेहिसाबी संपत्ति आखिर कैसे जमा की गई, इसकी एसीबी अब गहराई से जांच कर रही है। जांच में यह साफ होगा कि यह संपत्ति किस तरह जुटाई गई।
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