इवेको के शेयरहोल्डरों ने टाटा मोटर्स के प्रस्तावों को दी मंज़ूरी, ऑफर EUR 14.40 प्रति शेयर
इटली की कमर्शियल वाहन कंपनी इवेको के शेयरहोल्डरों ने 16 अक्टूबर 2026 की विशेष बैठक में टाटा मोटर्स के प्रस्तावों को मंज़ूरी दी। स्वीकार सीमा 95% से घटाकर 80% की गई है।
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टाटा मोटर्स की इवेको कंपनी पर कब्ज़ा हासिल करने की योजना को बड़ी कामयाबी मिली है। इटली की कमर्शियल वाहन बनाने वाली कंपनी इवेको के शेयरहोल्डरों ने 16 अक्टूबर 2026 को हुई विशेष बैठक में इस सौदे से जुड़े प्रस्तावों को मंज़ूरी दे दी। इससे टाटा मोटर्स के लिए इवेको पर कब्ज़ा करने और कंपनी को शेयर मार्केट से बाहर करने का रास्ता और आसान हो गया है।
यह बैठक नीदरलैंड्स के एम्स्टर्डम में हुई विशेष आम सभा थी। वहां शेयरहोल्डरों ने टाटा मोटर्स के प्रस्ताव से जुड़े अहम बदलावों पर हामी भरी। इस प्रक्रिया का सबसे बड़ा बदलाव यह है कि सौदा पूरा करने के लिए ज़रूरी शेयरों की स्वीकार सीमा 95% से घटाकर 80% कर दी गई है।
इसका मतलब यह है कि अगर टाटा मोटर्स को इवेको के 80% शेयरों के लिए ज़रूरी मंज़ूरी मिल जाती है, तो बाकी शर्तें पूरी होने के अधीन सौदे को आगे बढ़ाना आसान हो सकता है। इससे कंपनी के आगे के ढांचे में बदलाव करने और इवेको को शेयर मार्केट से बाहर निकालने का रास्ता खुल सकता है।
अब बात पैसों की। टाटा मोटर्स ने इवेको के हर शेयर के लिए अपना ऑफर बढ़ाकर EUR 14.40 कर दिया है। इससे पहले यह ऑफर EUR 14.10 प्रति शेयर था। खबरों के मुताबिक इस सौदे की कुल कीमत करीब EUR 3.91 अरब है।
शेयरहोल्डरों के लिए यह बढ़ोतरी अहम हो सकती है। टाटा मोटर्स का ऑफर कबूल करने की मियाद 26 अक्टूबर 2026 तक है। अगर यह मियाद बढ़ाई गई, तो आखिरी तारीख बदल सकती है। सौदा पूरा होने के लिए संबंधित शर्तों और ज़रूरी प्रक्रिया का पूरा होना ज़रूरी है।
इवेको कमर्शियल वाहन सेक्टर की बड़ी कंपनी है। उसके पोर्टफोलियो में ट्रक, बस, पावरट्रेन और गाड़ियों से जुड़ी फाइनेंशियल सर्विसेज़ शामिल हैं। कंपनी में करीब 33,000 कर्मचारी काम करते हैं और उसके 16 इंडस्ट्रियल सेंटर और 22 रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर हैं।
इवेको पर कब्ज़ा मिलने से टाटा मोटर्स को दुनिया के कमर्शियल वाहन मार्केट में अपनी मौजूदगी मज़बूत करने का मौका मिल सकता है। अलग-अलग देशों के ग्राहकों, प्रोडक्शन सुविधाओं और वाहनों की रेंज का फायदा कंपनी को हो सकता है।
इस सौदे के बाद इवेको का कंपनी ढांचा बदलना, शेयर मार्केट से डिलिस्टिंग और कंपनी के बोर्ड से जुड़े बदलाव जैसी प्रक्रियाएं आगे बढ़ सकती हैं। कुछ आगे के बदलावों के लिए अलग शर्तें और मंज़ूरियां लागू हो सकती हैं।
इसलिए शेयरहोल्डरों की मंज़ूरी भले ही अहम पड़ाव है, लेकिन यह मान लेना ठीक नहीं होगा कि टाटा मोटर्स का इवेको पर कब्ज़ा पूरा हो गया है। आखिरी सौदे के लिए ज़रूरी शर्तों और संबंधित प्रक्रिया का पूरा होना अभी बाकी है।
अब मार्केट की नज़र इस पर है कि इस सौदे से टाटा मोटर्स के ग्लोबल विस्तार को कितना फायदा होता है और कमर्शियल वाहन सेक्टर में कंपनी की हालत कैसे बदलती है।