होम क्रेडिट इंडिया की दिवाली मुहिम #ApnoKeSaathDiwali शुरू, घर का मतलब अपनों का साथ
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होम क्रेडिट इंडिया ने दिवाली के लिए #ApnoKeSaathDiwali नाम की नई विज्ञापन मुहिम शुरू की है। इसमें बताया गया है कि घर चार दीवारों से नहीं, अपनों से बनता है।
होम क्रेडिट इंडिया ने दिवाली के मौके पर अपनी नई मुहिम #ApnoKeSaathDiwali लॉन्च की है। इसका विज्ञापन अब यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक, X और लिंक्डइन पर देखा जा सकता है। मुहिम का मूल भाव "घर वहाँ, घरवाले जहाँ" है, यानी घर चार दीवारों का नाम नहीं, अपनों की भावना का नाम है।
कहानी बड़े होने, घर से दूर जाने और फिर भी एक दूसरे से जुड़े रहने के नए रास्ते खोजने की है। मनीष एक नौजवान प्रोफेशनल है। उसका असली घर शिमला में है, मगर वह मुंबई में बस गया है। काम की व्यस्तता की वजह से वह दिवाली पर घर नहीं जा पाता। तब वह अपने माता-पिता से कहता है, "आप लोग यहाँ आ जाओ ना।"
जिन माता-पिता ने बरसों मेहनत की कि बेटे को हमेशा घर जैसा लगे, उनके लिए उसके अपने घर में कदम रखना एक नया अनुभव है। उनके लिए यह बेटे का घर है, जो ऐसी जिंदगी से बना है जिसका वे रोज हिस्सा नहीं थे। पिता जब बेटे के लिए हुए घरेलू अप्लायंसेस देखते हैं, तो मनीष बताता है कि यह सब उसकी अपनी मेहनत का फल है। बाकी चीजों के लिए होम क्रेडिट के सहयोग से मदद मिली, ताकि उसकी बचत सुरक्षित रहे। यह सुनकर उनके मन में गर्व उमड़ आता है। जिस बेटे की कभी वे फिक्र करते थे, वह अब अपना ख्याल रखने में पूरी तरह सक्षम है, यह बात पिता को समझ आ जाती है।
सबसे बड़ा और सुखद पल तब आता है जब पड़ोसी और दोस्त घर आने लगते हैं। वे माता-पिता का प्यार से स्वागत करते हैं और बेटे से जुड़ी यादें और बातें साझा करते हैं। धीरे-धीरे वह अनजान सा लगने वाला फ्लैट भी घर जैसा लगने लगता है।
विज्ञापन की भावनात्मक जान भूमिका के इस बदलाव (रोल रिवर्सल) में है। जिन माता-पिता ने कभी बेटे के लिए अपनेपन का एहसास रचा था, वही अब बेटे के खड़े किए घर में वही एहसास महसूस करते हैं। शाम हंसी-मजाक, गपशप और दिवाली की रीति-रिवाजों से रोशन होती है, तो परिवार को समझ आता है कि घर किसी खास जगह या उससे जुड़ी पुरानी यादों से बंधा नहीं होता। जिंदगी जहां भी ले जाए, लोग एक दूसरे के लिए जो बनाते हैं, वही असली घर है।
इस कहानी के जरिए होम क्रेडिट इंडिया दिवाली के भावनात्मक महत्व को भारत के आधुनिक परिवारों की रोजमर्रा की आकांक्षाओं से जोड़ता है। विज्ञापन जिंदगी की इन नई सहूलियतों को सिर्फ भौतिक चीजें नहीं मानता। वह इन्हें छोटी कमाई के तौर पर पेश करता है, जो आत्मनिर्भर जिंदगी को आसान बनाती है और जरूरी रिश्तों से जुड़े रहकर अपनी जिंदगी गढ़ने में मदद करती है।
मुहिम पर होम क्रेडिट इंडिया के चीफ मार्केटिंग एंड पीपल ऑफिसर आशिष तिवारी ने कहा, "बच्चे बड़े होकर अपनी जिंदगी बनाते हैं, तो माता-पिता के साथ उनका रिश्ता भी धीरे से बदलता है। इस विज्ञापन के जरिए हम यही खूबसूरत भूमिका-अदला-बदली पेश करना चाहते थे, जहां माता-पिता बच्चों की बनाई दुनिया में कदम रखते हैं और उनकी तरक्की देखकर हैरान रह जाते हैं। यह याद दिलाता है कि जिंदगी हमें नई दिशाओं में ले जाती है, फिर भी जिन मूल्यों और रिश्तों के साथ हम बड़े हुए, वही तय करते रहते हैं कि हम क्या बनते हैं।"
तिवारी के मुताबिक, "#ApnoKeSaathDiwali के जरिए हमने अपनी #ZindagiHit सोच का भावनात्मक सार सामने रखा है, जहां हमारे अपने हर कदम पर हमारे साथ होते हैं और होम क्रेडिट भी उनके सहयोग से उनके साथ खड़ा रहता है। रोजमर्रा की जरूरतों में सुधार को आसान बनाकर वह आने वाली महत्वाकांक्षाओं को आज की हकीकत बनाने में मदद करता है। यह मुहिम नई शुरुआत अपनाने और सबसे अहम रिश्तों से मजबूती से जुड़े रहने के बीच के संतुलन का जश्न मनाती है। साथ ही ग्राहकों को उनकी महत्वाकांक्षाएं पूरी करने और खुद के व परिवार के लिए बेहतर भविष्य बनाने में मदद करने की होम क्रेडिट की प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है।"
विज्ञापन का अंत एक वॉइसओवर से होता है। यह ब्रांड की उस प्रतिबद्धता को फिर रेखांकित करता है कि वह ग्राहकों के हर पड़ाव पर मजबूती से उनके साथ खड़ा रहेगा, दूरियां घटाएगा, जिंदगी की सहूलियतें आसान बनाएगा और आने वाली महत्वाकांक्षाओं को आज के और करीब लाने में मदद करेगा।
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