अहिल्यानगर हत्या: सुरज और प्रेम सोनवणे 24 घंटे में गिरफ्तार, बाइक के कट पर गई थी जान
बालिकाश्रम रोड पर 55 साल के रवींद्र चव्हाण की चाकू जैसे धारदार हथियार से हत्या के मामले में तोफखाना पुलिस ने दोनों मुख्य आरोपियों को पकड़ लिया है।
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अहिल्यानगर के बालिकाश्रम रोड पर न्यु आर्ट्स कॉलेज के पीछे वाले गेट के सामने एक 55 साल के आदमी पर धारदार हथियार से वार करके उसकी हत्या कर दी गई थी। इस वारदात से इलाके में सनसनी फैल गई थी। अब तोफखाना पुलिस ने सिर्फ 24 घंटे के अंदर इस मामले के दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पकड़े गए आरोपियों के नाम सुरज रवी सोनवणे और प्रेम उर्फ सोनुल्या रवी सोनवणे हैं। दोनों को तोफखाना पुलिस स्टेशन लाया गया है। पुलिस उनसे कड़ी पूछताछ कर रही है कि यह हत्या आखिर किस वजह से और कैसे हुई।
मिली जानकारी के मुताबिक मरने वाले रवींद्र रामभाऊ चव्हाण की उम्र 55 साल थी। वे भिंगारदिवे मला, सावेडी में रहते थे और मंधन रवींद्र चव्हाण के पिता थे। 7 अक्टूबर को शाम करीब साढ़े चार बजे वे बालिकाश्रम रोड पर एशियन फूड कोर्ट होटल के सामने से जा रहे थे। उसी वक्त उनकी मोटरसाइकिल का कट आरोपियों की मोटरसाइकिल को लग गया। इसमें एक आरोपी की चप्पल टूट गई।
बस इसी छोटी सी बात पर आरोपियों का गुस्सा भड़क गया। सुरज रवी सोनवणे, प्रेम उर्फ सोनुल्या सोनवणे और उनके कुछ और साथियों ने मिलकर रवींद्र चव्हाण की पीठ और हाथ पर धारदार हथियार से वार किए। गंभीर रूप से घायल होने के कारण इलाज के दौरान रवींद्र चव्हाण की मौत हो गई। इस मामले में तोफखाना पुलिस स्टेशन में हत्या का केस दर्ज किया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मुम्मका सुदर्शन, अप्पर पुलिस अधीक्षक वैभव कलुबर्मे और नगर शहर उपविभागीय पुलिस अधिकारी दिलीप टिपरसे ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जायजा लिया।
तोफखाना पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक बालाजी वैद्य के मार्गदर्शन में पुलिस ने तकनीकी जांच के सहारे 24 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को दबोच लिया। इतनी जल्दी गिरफ्तारी के लिए तोफखाना पुलिस के काम की हर तरफ तारीफ हो रही है।
यह वारदात बुधवार को दोपहर के बाद हुई थी। मारे गए रवींद्र चव्हाण विधायक संग्राम जगताप के एक समर्थक के पिता थे। इसलिए शहर के लोगों में उत्सुकता थी कि आखिर हुआ क्या और इसके पीछे वजह क्या है। सिर्फ गाड़ी का कट लगने पर किसी की हत्या हो सकती है, इस बात पर लोगों ने हैरानी भी जताई।
मृतक के रिश्तेदारों ने आंदोलन की चेतावनी भी दी थी। विधायक जगताप ने भी इस मामले में ध्यान दिया था। इसी माहौल में आरोपियों के 24 घंटे में पकड़े जाने से लोगों ने राहत और संतोष जताया है।