बुधवार, 14 अक्टूबर 2026

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22:44 IST

भिवंडी में समाजवादी पार्टी ने छह पार्षदों को निकाला, स्वीकृत पार्षद के नाम पर विवाद

भिवंडी निजामपुर महानगर पालिका में स्वीकृत पार्षदों की नियुक्ति को लेकर समाजवादी पार्टी ने अपने छह पार्षदों को पार्टी से निकाल दिया है, जबकि कांग्रेस में भी नामों पर नाराजगी है।

भिवंडी में समाजवादी पार्टी ने छह पार्षदों को निकाला, स्वीकृत पार्षद के नाम पर विवाद तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

भिवंडी निजामपुर महानगरपालिका में स्वीकृत पार्षदों की चुनाव प्रक्रिया को लेकर समाजवादी पार्टी में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पार्टी ने अपने छह पार्षदों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। आरोप है कि इन पार्षदों ने पार्टी का आदेश नहीं माना और भरत जंगलानी के नाम का समर्थन किया, जिन्हें भाजपा विधायक महेश चौघुले का समर्थक माना जाता है। इस कार्रवाई से नगर निगम में पार्टी के भीतर का मतभेद सबके सामने आ गया है और राजनीतिक गलियारों में इसकी चर्चा हो रही है।

समाजवादी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष अबू आसिम आजमी के आदेश पर शहराध्यक्ष रियाज आजमी ने इन छह पार्षदों पर कार्रवाई का ऐलान किया। जिन पार्षदों को निकाला गया है, उनमें दल नेता आरिब याकूब शेख, काशफी शाफ मोमिन, आजीब जमाल मोमिन, अन्सारी शबाना शमीम, शेख सलमाबानो मोहम्मद अक्रम और खान अमल उबैद के नाम शामिल हैं।

बताया जा रहा है कि स्वीकृत पार्षद पद के लिए भरत जंगलानी के नाम की सिफारिश किए जाने से पार्टी नेतृत्व नाराज था। इन पार्षदों पर यह आरोप लगाया गया है कि उन्होंने पार्टी के दिए आदेश के मुताबिक फैसला नहीं लिया। इस कार्रवाई पर संबंधित पार्षदों का पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की तस्वीर और साफ हो सकेगी।

इस बीच भिवंडी नगर निगम की विशेष महासभा में मेयर नारायण चौधरी ने नौ स्वीकृत सदस्यों की नियुक्ति का ऐलान किया। कांग्रेस की ओर से इम्रान मोहम्मद एच. अन्सारी, अरफात ए. शेख और सलीम अहमद शेख के नाम घोषित हुए। भाजपा से सुगंधा टावरे और रवी सावंत, शिवसेना से संजय काबुकर, राष्ट्रवादी कांग्रेस के शरद पवार गुट से गिरीश म्हात्रे, समाजवादी पार्टी से भरत जंगलानी और कोणार्क विकास आघाड़ी से मयूर विलास पाटील का नाम घोषित किया गया।

लेकिन इस चुनाव को लेकर कांग्रेस में भी नाराजगी सामने आई है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस के दल नेता और डिप्टी मेयर तारिक मोमीन ने जो नाम सुझाए थे, उनका शहराध्यक्ष आबिद खान ने विरोध किया। जानकारी के मुताबिक आबिद खान ने ये नाम वापस लेने की लिखित मांग भी की है।

उधर, यह भी बताया जा रहा है कि समाजवादी पार्टी के शहराध्यक्ष रियाज आजमी ने आयुक्त अनमोल सागर से मांग की है कि भरत जंगलानी की जगह सरफराज शेख के नाम का ऐलान किया जाए।

एक तरफ समाजवादी पार्टी के छह पार्षदों पर कार्रवाई हुई है और दूसरी तरफ कांग्रेस में नाराजगी है। इसी वजह से स्वीकृत पार्षदों की नियुक्ति का मुद्दा अब खूब चर्चा में है। अब सबकी नजर इस पर है कि पार्टी आगे क्या फैसला लेती है और जिन पार्षदों को निकाला गया है, उनका रुख क्या रहता है।

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