गोंदिया में नौ साल की बेटी से अत्याचार करने वाले पिता को उम्रकैद की सज़ा
अर्जुनी मोरगाव तालुका के प्रतापगड के उमेश राजू रामटेके को जिला व सत्र न्यायालय ने दो अलग मामलों में दोषी ठहराया।
गोंदिया, 23 तारीख: जिला व सत्र न्यायालय ने अर्जुनी मोरगाव तालुका के प्रतापगड में रहने वाले उमेश राजू रामटेके (उम्र 36) को दो अलग-अलग मामलों में दोषी ठहराकर सज़ा सुनाई। दोनों मामलों का फैसला शुक्रवार, 23 तारीख को आया।
पहला मामला उसकी अपनी नौ साल की बेटी पर यौन अत्याचार का था। इसमें उसे उम्रकैद की सज़ा मिली। दूसरे मामले में एक नाबालिग लड़की के साथ छेड़छाड़ और धमकी देने के आरोप में अलग-अलग धाराओं के तहत दो से पांच साल तक की सश्रम कैद सुनाई गई।
पहले मामले में केशोरी पुलिस थाने में पोक्सो के तहत केस दर्ज हुआ था। आरोप था कि आरोपी ने अपनी नौ साल की बेटी पर यौन अत्याचार किया। यह भी आरोप था कि उसने अपनी मां के साथ जबरदस्ती यौन अत्याचार किया और उसे व बच्चों को जान से मारने की धमकी दी।
इस केस की जांच पुलिस उपनिरीक्षक संदीप भोसले ने की। सरकारी पक्ष की तरफ से सरकारी वकील सतीश घोडे और चुटे ने अदालत में दलील रखी। सुनवाई के बाद अदालत ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2)(एफ) के तहत 15 साल की सश्रम कैद और तीन हजार रुपये जुर्माना सुनाया। पोक्सो कानून की धारा 6 के तहत उम्रकैद और पांच हजार रुपये जुर्माना हुआ। बीएनएस की धारा 351(3) के तहत पांच साल की सश्रम कैद और दो हजार रुपये जुर्माने की सज़ा भी दी गई।
दूसरे मामले में केशोरी पुलिस थाने में अपराध क्रमांक 33/2024 के तहत भारतीय दंड संहिता और पोक्सो कानून की धाराओं में केस दर्ज हुआ था। आरोप के मुताबिक 12 अप्रैल 2024 की रात प्रतापगड में 17 साल पांच महीने की एक लड़की घर में सो रही थी। तभी आरोपी बिना इजाज़त घर में घुस गया। उसने लड़की के साथ बदसलूकी की, शारीरिक सुख की मांग की और उसका हाथ पकड़कर छेड़छाड़ की।
इस मामले की जांच सहायक पुलिस निरीक्षक अभिजित जोगदंड ने की। सरकारी पक्ष की ओर से सतीश घोडे और चुटे ने दलील दी। अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 450 के तहत पांच साल, धारा 354 और 506 के तहत हर एक में तीन साल, पोक्सो कानून की धारा 8 के तहत तीन साल और धारा 12 के तहत दो साल की सश्रम कैद सुनाई। इस केस में अलग-अलग धाराओं के हिसाब से कैद और जुर्माने की सज़ा दी गई।
दोनों मामलों की जांच में केशोरी पुलिस थाने की टीम ने अहम भूमिका निभाई। अदालती कामकाज के लिए कोर्ट पैरवी अधिकारी के तौर पर महिला पुलिस शिपाई पुनम ठाकरे ने काम संभाला।
इस कामयाबी पर पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे, अपर पुलिस अधीक्षक अभय डोंगरे, देवरी के उपविभागीय पुलिस अधिकारी राजेश तटकरे और केशोरी के प्रभारी अधिकारी व सहायक पुलिस निरीक्षक चेतन ढेकणे ने संबंधित पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की तारीफ की।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।