गवराळा की दो अनाथ बहनों की पढ़ाई और इलाज के लिए मदद की दरकार
गवराळा की दो बहनों के सिर से माता-पिता का साया उठ गया है। पढ़ाई, सेहत और परवरिश के लिए उन्हें मदद की जरूरत है।
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गवराळा के स्व. अनिल मिटपल्लीवार की दो बेटियों के सिर से माता-पिता का साया उठ गया है। अब उनके सामने पढ़ाई, सेहत और परवरिश का बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। दोनों बहनों, कु. संध्या और कु. तेजू, को सहारा देने के लिए स्व. श्रीनिवासराव शिंदे मेमोरियल रवींद्र शिंदे चैरिटेबल ट्रस्ट ने पहल की है।
कुछ साल पहले इन बच्चियों के पिता का निधन हो गया था। इसके बाद उनकी मां सौ. सुरेखा अनिल मिटपल्लीवार का भी 16 अक्टूबर 2026 को बीमारी के चलते निधन हो गया। इस तरह दोनों बेटियां अनाथ हो गई हैं।
कु. संध्या भद्रावती के लोकमान्य कनिष्ठ महाविद्यालय में ग्यारहवीं में पढ़ रही है। कु. तेजू गवराळा के कर्मवीर विद्यालय में छठी कक्षा में है। तेजू को देखने में दिक्कत है, इसलिए उसके मेडिकल इलाज की भी जरूरत है।
दोनों की पढ़ाई चलती रहे और उन्हें पढ़ाई का सामान, स्वास्थ्य सेवा, रहने की जगह और रोजमर्रा की जरूरतें मिल सकें, इसके लिए आर्थिक मदद चाहिए। अपील की गई है कि सामाजिक संस्थाएं आगे आएं, ताकि इनकी पढ़ाई में कोई रुकावट न आए और ये बहनें अपने पैरों पर खड़ी हो सकें।
इस बीच, स्व. श्रीनिवासराव शिंदे मेमोरियल रवींद्र शिंदे चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक-सचिव ने इन लड़कियों की मदद का हाथ बढ़ाने की तैयारी दिखाई है। ट्रस्ट गोद लेने की औपचारिकताएं पूरी करके उनकी पढ़ाई का खर्च, सेहत से जुड़ी जरूरतें और परवरिश की जिम्मेदारी उठाने की कोशिश करेगा। इस मदद से दोनों बहनों को आत्मनिर्भर बनने की ताकत मिलेगी।
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