ESI का कटा पैसा जमा हुआ या नहीं, UMANG ऐप पर मोबाइल से दो मिनट में देखें
प्राइवेट कंपनी में काम करने वालों की सैलरी से ESI के पैसे कटते हैं, पर कंपनी उन्हें सरकार के पास भरती है या नहीं, यह UMANG ऐप से घर बैठे देखा जा सकता है।
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प्राइवेट कंपनी में काम करने वालों की सैलरी से हर महीने ESI के पैसे कटते हैं। सैलरी स्लिप पर ESI के नाम से 200-300 रुपये कटे हुए दिखते हैं, लेकिन कंपनी ये पैसे सरकार के पास सच में भरती है या नहीं, यह सवाल कई लोगों के मन में रहता है। कई बार ऐसा होता है कि कंपनी पैसे काट तो लेती है, मगर आगे जमा ही नहीं करती। फिर आगे जाकर अस्पताल जाने की नौबत आती है तो दिक्कत खड़ी हो जाती है।
अब इसके लिए ऑफिस के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। केंद्र सरकार के UMANG ऐप से आप घर बैठे अपना ESI का हिसाब देख सकते हैं। काम बस दो मिनट का है।
UMANG ऐप ऐसा ऐप है जहां सरकार की सारी सेवाएं एक ही जगह मिल जाती हैं। इसी में ESIC की सेवा भी दी गई है, और यह बात बहुत से लोगों को पता ही नहीं है। सबसे पहले अपने मोबाइल में Play Store से UMANG ऐप डाउनलोड कर लीजिए। उसमें मोबाइल नंबर डालकर रजिस्टर कीजिए। यह सिर्फ एक बार करना है।
ऐप खोलने के बाद ऊपर सर्च बार में ESIC टाइप कीजिए। वहां आपको Employee Centric Services नाम का ऑप्शन दिखेगा, उस पर क्लिक कीजिए। अंदर जाकर View Contribution का विकल्प चुनिए। अब अपना 10 अंकों का ESI नंबर, यानी IP Number, डालिए। यह नंबर आपकी सैलरी स्लिप पर या कंपनी के दिए ESI कार्ड पर होता है। नंबर डालने के बाद आपके मोबाइल पर OTP आएगा। उसे डालकर सबमिट कर दीजिए। बस, आपके सामने आपका पूरा ESI का इतिहास खुल जाएगा।
वहां साल और अवधि चुनने पर पता चलता है कि कंपनी ने आपके लिए कितने दिन काम दिखाया, आपकी सैलरी कितनी दिखाई और हर महीने कितने पैसे भरे, इसकी रसीद भी दिखती है। यह भी दिखता है कि पैसे किस चलान नंबर से भरे गए। चाहें तो यह फाइल PDF में डाउनलोड भी की जा सकती है। कंपनी ने पैसे काटकर नहीं भरे हों तो यह फौरन पता चल जाता है। कई जगह यही गड़बड़ होती है।
UMANG ऐप के अलावा ESIC के आधिकारिक IP Portal से भी यह जानकारी ली जा सकती है। वहां लॉगिन करने के बाद आप अपना e-Pehchan Card और Health Passbook डाउनलोड कर सकते हैं। इसका फायदा यह है कि अस्पताल जाते समय असली कार्ड साथ ले जाना जरूरी नहीं। मोबाइल में रखा डिजिटल कार्ड दिखाने पर भी कैशलेस इलाज मिलता है। बहुत से लोगों को यह मालूम नहीं होता और वे कार्ड के लिए भागदौड़ करते हैं।
अब ESI का गणित भी समझ लीजिए। नियम यह है कि जिसकी महीने की सैलरी 21,000 रुपये के भीतर है, उस पर ESI लागू होता है। इसमें आपकी सैलरी से सिर्फ 0.75% कटता है और कंपनी की तरफ से 3.25% भरा जाता है। दोनों मिलाकर कुल 4% सरकार के पास जाता है।
इस 4% में आपको पूरे परिवार के लिए अस्पताल की सुविधा और दवाइयां मिलती हैं, और जरूरत पड़े तो सैलरी भी मिलती है। इसलिए ये छोटे पैसे नहीं हैं, ये आपके हक के पैसे हैं। अगर आप प्राइवेट नौकरी करते हैं तो आज ही एक बार अपनी स्लिप निकालिए, उस पर से IP नंबर लीजिए और UMANG ऐप पर जाकर चेक कीजिए। दो मिनट लगेंगे, लेकिन पता चल जाएगा कि आपके पैसे सुरक्षित हैं या नहीं। धोखाधड़ी से बचना है तो हर दो-तीन महीने में एक बार यह चेक करने की आदत डाल लीजिए।