सूखे से निपटने के लिए रबी और गर्मी के सीजन की योजना बनाएं
भंडारा के जिलाधिकारी सावन कुमार ने किसानों से पानी की उपलब्धता देखकर फसल की योजना बनाने और धान के पीछे न भागने को कहा है।
भंडारा, दिनांक 5: जिले में सूखे जैसे हालात को देखते हुए जिलाधिकारी सावन कुमार ने निर्देश दिया है कि आने वाले रबी और गर्मी के सीजन में पानी की उपलब्धता देखकर फसल की योजना बनाई जाए। किसान धान के पीछे न भागें और कम पानी में होने वाली सरसों, चना, मसूर और अलसी जैसी फसलों को पहले चुनें।
जिलाधिकारी कार्यालय में जिला स्तरीय समिति की बैठक संभावित पानी की किल्लत, चारे की कमी और खेती के लिए जरूरी पानी का जायजा लेने के लिए बुलाई गई थी। सावन कुमार ने किल्लत के दौरान चलाए जाने वाले उपायों की समीक्षा की।
बैठक में बताया गया कि अगस्त से सितंबर के बीच बारिश कम हुई, जिससे धान की पैदावार पर बुरा असर पड़ा है। बारिश की कमी और पानी की हालत को देखते हुए फसल का तरीका बदलना जरूरी है।
किसान अभी से अगले सीजन की तैयारी करें। जहां सिंचाई के लिए पानी मिल रहा है, वहां उसे किफायत से इस्तेमाल करें। जिन किसानों के पास सिंचाई का कोई साधन नहीं है, उन्हें दूसरी फसलों की सलाह दी जाए। हर ग्राम पंचायत के हिसाब से पानी की उपलब्धता और बचत का पूरा ब्योरा लेने की हिदायत भी दी गई।
जहां पानी की किल्लत है, वहां सिंचाई के लिए नियम बनाकर योजना के साथ पानी इस्तेमाल किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि तहसीलदार और ग्रामसेवक गांव-गांव जाकर किसानों के साथ बैठकें करें, उन्हें किल्लत की असल हालत समझाएं और अगले सीजन की फसलों की सही योजना बनाने में मदद करें।
कृषि विभाग कम पानी वाली फसलों के लिए किसानों को बढ़ावा दे रहा है। पिछले सीजन में 2 हजार 215 किसानों को एक-एक एकर के हिसाब से कुल 2 हजार 215 क्विंटल सरसों का बीज बांटा गया था। चना, मसूर और सरसों के बीज भी उपलब्ध कराए गए हैं और कुछ मात्रा में ज्वार का बीज भी बांटा गया है।
बैठक में बताया गया कि लोगों और किसानों को जरूरी पानी मिलता रहे, इसके लिए खास नल मरम्मत और नए कुओं के अधिग्रहण के काम हाथ में लिए गए हैं। विशेष मरम्मत और पूरक नल योजनाओं के काम प्रस्तावित हैं।
उपायों को असरदार ढंग से लागू करने के लिए संबंधित विभाग आपसी तालमेल से काम करें। किसानों की दिक्कतों का जायजा लेकर अनुदान और दूसरी योजनाओं पर जरूरी कार्रवाई हो। तहसील स्तरीय समिति इस बारे में रिपोर्ट पेश करे।
बैठक में निवासी उपजिलाधिकारी मनोहर चव्हाण, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी अभिषेक नामदास, पानी आपूर्ति विभाग के कार्यकारी हितेश खोब्रागडे, कृषि अधिकारी और जिले के सभी तहसीलदार मौजूद थे।
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