शनिवार, 10 अक्टूबर 2026

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00:31 IST

डोंबिवली के दत्तनगर में खुलेआम ड्रग्ज बिक्री का आरोप, दो बेटों के पिता ने पुलिस से मांगी कार्रवाई

डोंबिवली पूर्व के आयरे रोड इलाके में रहने वाले विश्वास गायकवाड ने दावा किया है कि उनके दोनों बेटे ड्रग्ज की लत में पड़ गए हैं। उन्होंने बार-बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने का आरोप लगाया है।

डोंबिवली के दत्तनगर में खुलेआम ड्रग्ज बिक्री का आरोप, दो बेटों के पिता ने पुलिस से मांगी कार्रवाई तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

डोंबिवली पूर्व के आयरे रोड इलाके में आने वाले दत्तनगर में नशीले पदार्थों की बिक्री बेरोकटोक होने की गंभीर बात सामने आई है। इलाके में ड्रग्ज आसानी से मिल जाने की वजह से नाबालिग बच्चे नशे की चपेट में आ रहे हैं, ऐसी चिंता जताई जा रही है।

इसी इलाके में रहने वाले विश्वास गायकवाड ने दावा किया है कि उनके दो बेटों को ड्रग्ज की लत लग गई है। अपने बच्चों जैसा हाल दूसरे बच्चों का न हो, इसके लिए गायकवाड ने पुलिस के पास जाकर गुहार लगाई है।

गायकवाड के मुताबिक उनका नाबालिग बेटा ड्रग्ज की लत में पड़ गया था। ज्यादा सेवन की वजह से उसकी हालत बेहद गंभीर हो गई और वह पूरे 18 घंटे बेहोश रहा। गायकवाड ने बताया कि डॉक्टरों के इलाज से उसकी जान बच गई। इस घटना से पूरा परिवार गहरे मानसिक सदमे में है। गायकवाड का कहना है कि उस बेटे का बड़ा भाई भी नशे की लत में पड़ चुका है। दोनों बेटों का भविष्य खतरे में देखकर उन्होंने इलाके में चल रही कथित ड्रग्ज बिक्री के खिलाफ आवाज उठाने का फैसला किया।

गायकवाड ने आरोप लगाया है कि दत्तनगर और आयरे रोड इलाके में खुलेआम ड्रग्ज बेची जा रही है। उनका दावा है कि नाबालिग बच्चों तक को नशीले पदार्थ मुहैया कराए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि ड्रग्ज कहां से लाई जाती है, इसे कौन बेचता है और यह सब किन जगहों पर चल रहा है, इसकी जानकारी उनके बेटे ने पुलिस को दी है।

इसके बावजूद, गायकवाड का आरोप है कि वे बार-बार पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत कर चुके हैं, फिर भी ड्रग्ज बेचने वालों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि कई दिनों से वे पुलिस स्टेशन के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक उम्मीद के मुताबिक जवाब नहीं मिला। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई।

अपने बच्चों की हालत देखकर गायकवाड ने दूसरे माता-पिता को भी सावधान करना शुरू किया है। भावुक होकर उन्होंने कहा, "मेरे बच्चों के साथ जो हुआ, वह किसी और माता-पिता के बच्चों के साथ न हो।"

कल्याण-डोंबिवली इलाके में स्कूल और कॉलेज के आसपास नशीले पदार्थ बिकने की शिकायतें पहले भी आ चुकी हैं। इस पृष्ठभूमि में दत्तनगर के मामले से नाबालिग बच्चों की सुरक्षा का सवाल एक बार फिर चर्चा में आ गया है। स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों को नशे से दूर रखने के लिए पुलिस, शिक्षण संस्थाओं और माता-पिता को मिलकर कदम उठाने की जरूरत बताई जा रही है।

गायकवाड के आरोपों की गहराई से जांच हो और इलाके में नशीले पदार्थ बिकते पाए जाएं तो जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ऐसी मांग की जा रही है। पुलिस इस मामले में क्या रुख अपनाएगी, कथित ड्रग्ज नेटवर्क की जांच होगी या नहीं और नशे में फंसे नाबालिग बच्चों के पुनर्वास के लिए कौन से कदम उठाए जाएंगे, इस पर स्थानीय लोगों की नजर है। साथ ही उम्मीद जताई जा रही है कि स्थानीय जनप्रतिनिधि और सत्ताधारी पार्टी के नेता भी इस गंभीर सवाल पर ध्यान देकर जरूरी कदम उठाएंगे।

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