दीवार की दरार में उगा पीपल कैसे हटाएं, नमक डालने से पहले यह जान लें
छत या दीवार की दरार में उगे पीपल के पौधे को समय रहते हटाना जरूरी है। नमक का उपाय हर बार काम नहीं करता।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
बहुत से घरों में यह परेशानी दिखती है। छत पर, दीवार की दरारों में या छज्जे के कोने में अचानक पीपल का छोटा सा पौधा उग आता है। शुरू में वह इतना छोटा होता है कि हम ध्यान नहीं देते। हम सोच लेते हैं कि छोटा पौधा है, सूख जाएगा और मर जाएगा। लेकिन यही लापरवाही बाद में महंगी पड़ सकती है। उसकी जड़ें धीरे-धीरे दीवार के अंदर चली जाती हैं, फिर दीवार में दरारें पड़ने लगती हैं और बारिश का पानी घर में रिसने लगता है।
इसलिए उसे वक्त रहते निकालना बहुत जरूरी है। सवाल यह है कि उसे निकालें कैसे। लोग कहते हैं कि उस पर नमक डालकर सुखा दो, तो क्या यह उपाय सही है? यूट्यूब पर "सुरेंद्र की दुनिया" नाम से मशहूर सुरेंद्र ने इस पर एक आसान घरेलू उपाय बताया है।
पहले यह समझ लें कि दीवार में पीपल उगता कैसे है। पीपल के बीज बहुत हल्के होते हैं। हवा से या पक्षियों की बीट के जरिए वे घर की छत या दीवार की दरार में आकर गिर जाते हैं। वहां थोड़ी धूल, मिट्टी और बारिश का पानी मिल जाए तो बीज में तुरंत अंकुर फूट पड़ता है। शुरू में दो पत्तों का छोटा पौधा होता है, लेकिन वह बहुत तेजी से बढ़ता है। इसलिए छत पर कहीं हरा कुछ दिखे तो फौरन ध्यान दें।
क्या इससे दीवार में सच में दरारें पड़ती हैं? हां। पीपल की जड़ें बहुत मजबूत होती हैं। वे पहले से मौजूद छोटी दरारों में घुसती हैं और अंदर बढ़ती जाती हैं। जड़ें मोटी होती हैं तो दरारें और चौड़ी हो जाती हैं। फिर दीवार पर गीले दाग दिखने लगते हैं, प्लास्टर उखड़ने लगता है और कभी-कभी बारिश में दीवार से पानी ही आने लगता है। अगर आपकी दीवार में सीलन लगती है तो एक बार ऊपर जाकर जरूर देखें कि कहीं पौधा तो नहीं उग आया।
अब नमक की बात। गांव में या घरेलू उपायों में बहुत लोग कहते हैं कि पीपल पर नमक डाल दो, अपने आप सूख जाएगा। नमक डालने से मिट्टी में खारापन बढ़ जाता है और जड़ें पानी नहीं खींच पातीं, इसलिए पौधा सूखता है। लेकिन यह उपाय 100% कामयाब नहीं है। कभी-कभी नमक डालने के बाद भी पौधा नहीं सूखता, ऊपर से सूखा दिखता है पर जड़ें अंदर जिंदा रहती हैं।
दूसरा बड़ा नुकसान यह है कि ज्यादा नमक डालने से आसपास की मिट्टी खराब हो जाती है। फिर वहां कोई दूसरा पौधा लगाएं तो वह भी नहीं पनपेगा। दीवार के अंदर इतना नमक डालना भी ठीक नहीं। इसलिए सिर्फ नमक के चक्कर में न पड़ें।
तो सही तरीका क्या है? अगर पौधा बिल्कुल छोटा है, यानी हाथ से उखाड़ा जा सकता है, तो उसे फौरन निकाल दें। ध्यान रखें कि वह जड़ समेत निकले। हाथ में दस्ताने पहनें और खुरपी की मदद से धीरे से निकालें। लेकिन अगर पौधा थोड़ा बड़ा हो गया है, उसकी जड़ें दीवार में गहरी चली गई हैं या वह छत के किनारे जैसी खतरनाक जगह पर उगा है जहां आप पहुंच नहीं सकते, तो खुद कुछ न करें। ऐसे में किसी माली या राजमिस्त्री को बुलाएं। वे ठीक तरह से उसे निकाल देंगे।
पौधा निकालने के बाद सबसे जरूरी काम यह है। बहुत से लोग गलती करते हैं कि पौधा निकाला और बस हो गया। ऐसा नहीं है। पौधा निकालने पर वहां एक बड़ी दरार बन जाती है। उस दरार में मिट्टी, जड़ों के टुकड़े और नमी रह जाती है। दरार को ऐसे ही छोड़ दिया तो बारिश का पानी वहां से अंदर जाएगा ही।
इसलिए पौधा निकालने के बाद उस जगह को अच्छी तरह साफ करें। वहां सीमेंट और वॉटरप्रूफिंग केमिकल डालकर दरार को पूरी तरह भर दें। तभी आपकी दीवार फिर से मजबूत होगी।
दोबारा पौधा न उगे, इसके लिए छत और छज्जा हमेशा साफ रखें। सूखे पत्ते और मिट्टी जमा न होने दें। पानी रुकता हो तो उसकी निकासी का इंतजाम करें। बारिश से पहले एक बार पूरी छत देख लें कि कहीं दरारें तो नहीं हैं, कहीं छोटा पौधा तो नहीं आ गया। वक्त रहते ध्यान दिया तो बड़ा खर्चा बच जाएगा।
कुल मिलाकर, पीपल का पौधा दिखे तो उसे छोटा समझकर छोड़ें नहीं। वक्त पर निकालें और दीवार की मरम्मत करवा लें, वरना घर कमजोर होने में देर नहीं लगेगी।
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