दिशा सालियन केस: सतीश सालियन वकिलों के साथ मातोश्री पहुंचे, वरुण सरदेसाई बोले- पुरावे हों तो दिखाओ
आदित्य ठाकरे को 500 करोड़ की मानहानि नोटिस भेजने के बाद शिवसेना (UBT) विधायक वरुण सरदेसाई का पलटवार
दिशा सालियन की मौत का मामला एक बार फिर मुंबई की सियासत में गरमा गया है। दिशा सालियन के पिता सतीश सालियन शनिवार को अपने वकिलों की टीम के साथ मातोश्री पहुंचे और वहां आदित्य ठाकरे के खिलाफ 500 करोड़ रुपये की मानहानि का दावा ठोकते हुए नोटिस थमा दी। आदित्य ठाकरे के वकीलों ने यह नोटिस स्वीकार कर ली। इसके बाद विधायक वरुण सरदेसाई ने मीडिया से बात करते हुए इस पूरे मामले पर अपनी बात रखी।
वरुण सरदेसाई रिश्ते में आदित्य ठाकरे के भाई लगते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले पांच-छह साल से वे लगातार यही कहते आए हैं कि आदित्य ठाकरे न तो सुशांत सिंह राजपूत को जानते थे और न ही दिशा सालियन को। उनके मुताबिक इस मामले को लेकर बार-बार अलग-अलग आरोप लगाने की कोशिश हो रही है।
सरदेसाई ने याद दिलाया कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले की जांच सीबीआई ने की थी और उसके बाद क्लोजर रिपोर्ट भी पेश की गई थी। उन्होंने कहा कि इस मामले में कई आरोप लगे, लेकिन आरोप लगाने वालों ने कभी कोई पुख्ता सबूत पेश नहीं किया।
दिशा सालियन प्रकरण पर आगे बोलते हुए सरदेसाई ने तत्कालीन महाविकास आघाडी सरकार के समय हुई जांच का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि 2022 में राज्य में सरकार बदलने के बाद, जब एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री और देवेंद्र फडणवीस उपमुख्यमंत्री व गृहमंत्री थे, उस दौर में इस मामले की जांच के लिए एसआईटी यानी स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाई गई थी।
सरदेसाई के अनुसार 2023 से इस एसआईटी ने मामले की जांच शुरू की। जिन लोगों ने इस मामले में आरोप लगाए थे, उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया और उनसे उनके पास मौजूद सबूत पेश करने को कहा गया। उन्होंने दावा किया कि 14 जून 2026 को एसआईटी ने कोर्ट में अपना हलफनामा दाखिल किया।
इस हलफनामे का हवाला देते हुए सरदेसाई ने कहा कि उसमें यह दर्ज किया गया है कि पहली सरकार के दौरान हुई जांच सही थी और उन्होंने यह भी दावा किया कि जांच में कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई।
इस बीच, सतीश सालियन के इस बयान पर कि उनका पक्ष या स्टेटमेंट सही तरीके से दर्ज नहीं किया गया, सरदेसाई ने भी जवाब दिया। उनके मुताबिक पूछताछ के दौरान यही कहा गया था कि तुम्हारे पास जो सबूत हैं वो दो, और सतीश सालियन का स्टेटमेंट कई बार दर्ज किया गया।
अब सतीश सालियन की तरफ से दाखिल इस कानूनी नोटिस और उस पर ठाकरे गुट की प्रतिक्रिया के बाद सियासी आरोप-प्रत्यारोप एक बार फिर तेज हो गए हैं। आगे कानूनी प्रक्रिया में इन दावों पर आखिर क्या रुख सामने आता है, इस पर सबकी नजर टिकी है।
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