छह साल बाद आदित्य ठाकरे की सफाई, दिशा सालियन केस में नई FIR दर्ज
नए एफआईआर में नाम आने के बाद शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पूरा मामला स्पष्ट किया।
दिवंगत दिशा सालियन की मौत का मामला छह साल बाद फिर गरमा गया है। मुंबई हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI और बाकी जांच एजेंसियों ने इस केस की दोबारा पड़ताल शुरू कर दी है, और इसी सिलसिले में नई FIR दर्ज की गई है। चर्चा है कि इस नई FIR में शिवसेना यूबीटी के नेता आदित्य ठाकरे के अलावा एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती, शोविक चक्रवर्ती, एक्टर डिनो मोरिया, सूरज पंचोली और कुछ पूर्व पुलिस अफसरों तक के नाम शामिल किए गए हैं। इसी नई FIR के बाद आदित्य ठाकरे ने पहली बार, यानी पूरे छह साल में पहली दफा, इस मामले पर खुलकर अपनी बात रखी।
आदित्य ठाकरे ने एक्स पर लंबी पोस्ट डालकर साफ किया कि वे दिशा सालियन से कभी नहीं मिले और उनसे उनकी कोई पहचान भी नहीं थी। उनका कहना है कि पिछले छह साल से कुछ लोग राजनीतिक मकसद से, निजी रंजिश से और उनकी छवि खराब करने की नीयत से बिना किसी सबूत के जानबूझकर उनका नाम इस दुखद घटना से जोड़ते आ रहे हैं। उन्होंने इसे बिना किसी तथ्य के चलने वाला झूठा प्रचार बताया और कहा कि टीवी पर होने वाली शोर शराबे वाली बहसें और मीडिया ट्रायल सच को नहीं बदल सकते। उन्होंने जांच एजेंसियों से मांग की कि इस मामले की दोबारा जांच बिना किसी राजनीतिक दखल और बिना किसी का चरित्र हनन किए, पूरी निष्पक्षता से हो। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के दबाव से उन्हें चुप कराया जा सकता है, ऐसा सोचना गलतफहमी है, और सच के लिए उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
इस पूरे मामले की जड़ में जाएं तो 8 जून 2020 को मुंबई की एक इमारत की बारहवीं मंजिल से गिरकर दिशा सालियन की मौत हो गई थी। इसके महज कुछ दिन बाद, 14 जून 2020 को एक्टर सुशांत सिंह राजपूत ने भी फांसी लगाकर जान दे दी थी, जिनकी दिशा पहले मैनेजर रह चुकी थीं। इन दोनों घटनाओं के बीच संबंध होने का दावा करते हुए विपक्ष लगातार राजनीतिक आरोप लगाता रहा है, और भाजपा के वरिष्ठ नेता नारायण राणे समेत कई नेता शुरुआत से ही आदित्य ठाकरे का नाम इस मामले से जोड़ते रहे हैं।
CBI की FIR दर्ज होने के फौरन बाद एक्टर सूरज पंचोली ने भी चुप्पी तोड़ते हुए सोशल मीडिया पर बयान जारी किया था। उन्होंने साफ कहा कि वे अपनी पूरी जिंदगी में कभी भी, न सीधे और न किसी और तरीके से, दिशा सालियन से मिले हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वे आदित्य ठाकरे से भी कभी नहीं मिले। सूरज का कहना था कि इतने सालों से बिना किसी पुख्ता सबूत के उनका नाम इस मामले से जोड़ा जाना अन्यायपूर्ण है और इससे उन्हें काफी मानसिक तकलीफ हुई है। उन्होंने बताया कि CBI और पुलिस चार से पांच साल पहले भी उनसे गहराई से पूछताछ कर चुकी है और उनका बयान दर्ज कर चुकी है, और अगर आगे दोबारा पूछताछ की जरूरत पड़े तो वे पूरा सहयोग देने को तैयार हैं। उनके मुताबिक उनके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है, और वे दिशा की मौत की निष्पक्ष व गहन जांच के पक्ष में हैं। सूरज ने यह भी कहा कि सिर्फ हेडलाइन बन जाने या चर्चा में आ जाने से कोई बात सबूत नहीं बन जाती, और उन्हें देश के कानून व जांच एजेंसियों पर पूरा भरोसा है।
इस बीच दिशा सालियन के पिता सतीश सालियन ने भी कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं और दावा किया है कि उनके पास इस बारे में सबूत मौजूद हैं। इस केस में सूरज पंचोली, आदित्य ठाकरे और रिया चक्रवर्ती के अलावा डिनो मोरिया, सचिन वाझे और परमबीर सिंह के नाम भी चर्चा में रहे हैं। सतीश सालियन के वकील निलेश ओझा ने और आगे बढ़कर आरोप लगाया है कि दिशा के साथ सामूहिक बलात्कार करके उनकी हत्या की गई, और इसके साथ ड्रग्स तथा बाल तस्करी से जुड़े एंगल का भी जिक्र किया है। वकील का यह भी दावा है कि 9 से 17 जून 2020 के बीच दिशा का मोबाइल फोन कुछ लोगों के पास था और इस दौरान उसका डेटा जांचा गया। हालांकि यह सारे आरोप अभी सिर्फ दावे की शक्ल में हैं, इनकी सच्चाई परखना जांच एजेंसियों के हाथ में है।
फिलहाल मामला इस मोड़ पर है कि मुंबई हाईकोर्ट के आदेश पर शुरू हुई ताजा जांच और नई FIR ने पुरानी FIR वाली स्थिति को पीछे छोड़ दिया है, और नामों की फेहरिस्त पहले से कहीं ज्यादा लंबी हो चुकी है। सूरज पंचोली और आदित्य ठाकरे, दोनों ने ही अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया है और कानून व जांच एजेंसियों पर भरोसा जताया है। अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि नई जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और छह साल पुराने इस मामले में सच आखिरकार सामने कब आता है।
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