दिशा सालियन केस में CBI की FIR के बाद उद्धव ठाकरे भड़के, बदनामी बंद करने की मांग
बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश पर CBI ने दिशा सालियन मामले में FIR दर्ज की, इसके बाद उद्धव ठाकरे ने पहली बार प्रतिक्रिया दी और इसे राजनीति से प्रेरित बताया।
दिशा सालियन की मौत वाले मामले में एक बार फिर नया मोड़ आ गया है। मुंबई हाईकोर्ट के आदेश के बाद सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन यानी CBI ने इस केस में FIR दर्ज कर ली है। बताया जा रहा है कि यह गुन्हा दिशा सालियन के पिता सतीश सालियन के बयान के आधार पर दर्ज किया गया है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद शिवसेना (UBT) पार्टी के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पहली बार इस मुद्दे पर मुंह खोला है।
दिशा सालियन के मामले में कई लोगों के नाम जुड़े होने की खबर है। इनमें आदित्य ठाकरे, उद्धव ठाकरे, अनिल देशमुख, परमबीर सिंह, सचिन वाझे, सूरज पांचोली, दिनो मोरिया और रिया चक्रवर्ती जैसे नाम शामिल बताए जा रहे हैं।
इस पर बोलते हुए उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि राजनीतिक मकसद से उनकी बदनामी की जा रही है। उन्होंने कहा, "मेरा भी नाम है। आपका भी आएगा। दूर दूर तक भी कोई संबंध नहीं है। जान पहचान नहीं है। कितने दिनों तक सहन करते रहेंगे।"
आगे बात करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि इस मामले के पीछे राजनीतिक इरादा है। उनका कहना था, "नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रम्प का भी नाम आएगा। क्यों नाम लिया जा रहा है। यह राजनीतिक मकसद से प्रेरित है। हम चुप थे। बेकार का चरित्र हनन बस हुआ, वरना हम भी कानूनी रास्ते से जाएंगे। हमारा उससे कोई संबंध नहीं है।"
वहीं दूसरी ओर आदित्य ठाकरे ने भी इस मामले पर X पर अपनी बात रखी है। उन्होंने साफ किया कि वे कभी दिशा सालियन से मिले ही नहीं, न ही उनकी उससे कोई पहचान थी। उनका दावा है कि पिछले कुछ सालों से राजनीतिक मकसद और बदनामी की नीयत से उनका नाम इस मामले से जोड़ने की कोशिश हो रही है।
आदित्य ठाकरे ने यह भी मांग की कि जांच एजेंसियां बिना किसी राजनीतिक दखल के और निष्पक्ष तरीके से इस मामले की जांच करें। अब इस केस में आगे की जांच और CBI की कार्रवाई पर राजनीतिक हलकों समेत सबकी नजरें टिकी हैं।