दीक्षाभूमि में 70वें धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस की तैयारियां, लाखों अनुयायियों के लिए 24 घंटे सुविधाएं
नागपुर मनपा आयुक्त विपिन इटनकर ने मंगलवार को मनपा मुख्यालय में दीक्षाभूमि की तैयारियों की समीक्षा की। 18 से 22 अक्टूबर तक सभी बुनियादी सुविधाएं पक्की करने के निर्देश दिए गए हैं।
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नागपुर जिले में इस साल 70वां धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस मनाया जाएगा। इस मौके पर दीक्षाभूमि आने वाले लाखों अनुयायियों की सुविधा के लिए नागपुर महानगरपालिका (मनपा), जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग मिलकर जो इंतजाम करने वाले हैं, उनकी मंगलवार को समीक्षा की गई। यह समीक्षा मनपा आयुक्त विपिन इटनकर ने की।
मनपा मुख्यालय में हुई इस बैठक में अतिरिक्त आयुक्त अंकित, अतिरिक्त आयुक्त मुरुगानंथम एम. और अतिरिक्त आयुक्त मिलिंद मेश्राम मौजूद थे। समाज कल्याण विभाग की सहायक आयुक्त सुकेशिनी तेलगोटे के साथ मनपा और पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
देशभर से बड़ी संख्या में बौद्ध अनुयायी दीक्षाभूमि पहुंचते हैं। उनकी सुविधा के लिए 18 से 22 अक्टूबर तक सभी बुनियादी सुविधाएं पक्की करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी विभागों से कहा गया है कि वे आपस में तालमेल बनाकर काम करें।
दीक्षाभूमि परिसर पर 24 घंटे नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। साफ-सफाई बनी रहे, इसके लिए खास सफाई कर्मचारी भी तैनात किए जाएंगे।
आपात मदद और लोगों की सहूलियत के लिए मनपा का एक नियंत्रण कक्ष बनाया जाएगा। पूरे परिसर में सफाई, बिजली की सप्लाई, पीने का पानी, शौचालय और परिवहन सेवाएं ठीक से चलें, इसकी योजना तैयार की गई है। अनुयायियों की सेहत का ध्यान रखने के लिए नागपुर मनपा जगह-जगह अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र भी लगाएगी।
रुकने की व्यवस्था के लिए दीक्षाभूमि परिसर, डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय परिसर, माता कचहरी और कुर्वेज स्कूल परिसर जैसी जगहों पर अनुयायियों के लिए बड़े डोम बनाए जाएंगे। बेझनबाग मैदान और ऊंटखाना मैदान में ठहरने और शौचालय का इंतजाम सामाजिक न्याय विभाग, जिला प्रशासन और मनपा करेंगे।
अनुयायी अंबाझरी तालाब में स्नान करेंगे। इस दौरान सुरक्षा बनाए रखने के लिए अग्निशमन दल और नौकाएं तैनात रहेंगी। लोग तालाब के पानी में न उतरें और उन्हें सहूलियत भी मिले, इसके लिए तालाब के पास ही अस्थायी प्रसाधन गृह, यानी चेंजिंग रूम और शौचालय, बनाए जाएंगे।